प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो’, यूपी की चर्चित IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी रहीं दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर हो गया है। मित्तल ने 30 अगस्त को निजी कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और नए जीवन लक्ष्यों का हवाला देते हुए प्रशासनिक सेवा से स्वेच्छा से इस्तीफा देने की घोषणा की थी।
उनके इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को केंद्र सरकार के पास भेज दिया था। अब केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने उनके इस्तीफे की स्वीकृति के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। दिव्या ने अपने फेसबुक और एक्स अकाउंट के जरिये अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने लिखा, “मेरा आईएएस से त्यागपत्र स्वीकार हो गया है। उन्होंने आगे लिखा कि प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।”कौन हैं दिव्या मित्तल?दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को इस्तीफा दिया था। हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली से बीटेक की डिग्री हासिल की और आईआईएम बैंगलोर से एमबीए किया। एमबीए के बाद, मित्तल जेपी मॉर्गन में नौकरी के लिए लंदन चली गईं। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और 2013 में सफल रहीं।
उत्तर प्रदेश में उनकी पहली पोस्टिंग दिसंबर 2015 में मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के तौर पर हुई, जिसके बाद वह गोंडा में मुख्य विकास अधिकारी बनीं। इसके बाद उन्होंने संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के तौर पर काम किया।
लहुरिया देह में पानी पहुंचाने का काम किया मिर्जापुर में डीएम के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने जिले की कम बारिश वाली पहाड़ियों में बसे दूर-दराज के गांव ‘लहुरिया दह’ में पाइप से पानी पहुंचाने का काम किया। यहां के लोग लंबे समय से पानी के टैंकरों पर निर्भर थे। लगभग 2000 लोगों वाले इस गांव में ज्यादातर परिवार पीढ़ियों से टैंकरों, एक टूटे हुए कुएं और दूर बने जलाशय पर निर्भर थे। आखिरकार अगस्त 2023 में यहां पाइप से पानी पहुंचा। दशकों के इंतजार के बाद 125 घरों तक पानी की सुविधा मिली। अपने इस्तीफे वाले पोस्ट में मित्तल ने कहा कि उन्हें जो तस्वीर हमेशा याद रहेगी, वह एक बुज़ुर्ग महिला की है, जिन्होंने पानी आते देखकर आभार जताते हुए उनके सिर को छुआ था।
