हरियाणा सरकार ने लॉन्च किया ‘स्वयंसेवक शिक्षक पंजीकरण पोर्टल’, रिटायर्ड शिक्षक और पूर्व सैनिक स्कूलों में दे सकेंगे सेवाएं

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हरियाणा सरकार ने लॉन्च किया 'स्वयंसेवक शिक्षक पंजीकरण पोर्टल', रिटायर्ड शिक्षक और पूर्व सैनिक स्कूलों में दे सकेंगे सेवाएं - AI Featured Image

हरियाणा सरकार ने लॉन्च किया 'स्वयंसेवक शिक्षक पंजीकरण पोर्टल', रिटायर्ड शिक्षक और पूर्व सैनिक स्कूलों में दे सकेंगे सेवाएं

हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या से निपटने और छात्रों को अनुभवी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'स्वयंसेवक शिक्षक पंजीकरण पोर्टल' (Volunteer Teacher Registration Portal) की शुरुआत की है। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में स्कूल शिक्षा विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस पोर्टल का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्य के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

इस नई व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्त शिक्षक, शिक्षण कार्य में रुचि रखने वाले पूर्व सैनिक, वरिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थी तथा समाजसेवा के उद्देश्य से अध्यापन करने के इच्छुक योग्य नागरिक अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। सरकार ने अनुभवी व्यक्तियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इस पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कोई सख्त अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं की है।

पंजीकरण के बाद स्वयंसेवकों की उपयुक्तता और पृष्ठभूमि की समीक्षा के लिए पारदर्शी चयन प्रणाली तय की गई है। प्रत्येक जिले में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय चयन समिति गठित की जाएगी, जिसमें पुलिस सत्यापन व समन्वय के लिए डीएसपी स्तर का एक अधिकारी भी बतौर सदस्य शामिल होगा। समिति की अनुशंसा और स्थानीय स्कूलों की मांग के आधार पर चयनित स्वयंसेवकों को अध्यापन गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अन्य निर्देश भी जारी किए। इसके तहत राज्यभर के करीब 700 जर्जर स्कूल भवनों को आगामी एक वर्ष के भीतर सौर ऊर्जा आधारित आधुनिक सुविधाओं के साथ नए सिरे से बनाने, 719 मॉडल संस्कृति व पीएम श्री स्कूलों में न्यूनतम 10 कंप्यूटर युक्त आईसीटी लैब स्थापित करने तथा प्रदेश के सभी 14,297 सरकारी स्कूलों में पेयजल की गुणवत्ता जांच कराकर आरओ लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए वित्त विभाग को प्रत्येक जिले के लिए एक-एक करोड़ रुपये जारी करने के आदेश भी दिए गए हैं।

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