इंदौर में हेड कांस्टेबल के 15 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 33 संपत्तियों और करोड़ों की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा

0

इंदौर में हेड कांस्टेबल के 15 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 33 संपत्तियों और करोड़ों की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा

मध्य प्रदेश के इंदौर और देवास जिलों में 14 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त संगठन की टीमों ने पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (पीटीसी) इंदौर में पदस्थ हेड कांस्टेबल (चालक) फिरोज खान के ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस द्वारा एक साथ करीब 15 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

जांच के दौरान अधिकारियों को आरोपी हेड कांस्टेबल और उसके परिवार से जुड़े 33 अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अतिरिक्त तलाशी में 21 बैंक खातों, 9 वाहनों तथा शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में भारी निवेश के रिकॉर्ड भी सामने आए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की मां और पत्नी के नाम पर ट्रेडिंग तथा निवेश कंपनियां संचालित की जा रही थीं, जिनके बैंक खातों के लेन-देन को भी खंगाला जा रहा है।

फिरोज खान वर्ष 2002 में पुलिस विभाग में आरक्षक चालक के पद पर भर्ती हुआ था। लगभग 24 वर्षों की सेवा अवधि के दौरान वेतन से उसकी कुल वैध आय करीब 75 लाख रुपये और सभी ज्ञात स्रोतों से कुल आय लगभग 1.93 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके मुकाबले उसके द्वारा चल-अचल संपत्तियों पर किया गया खर्च ज्ञात आय से सैकड़ों प्रतिशत अधिक पाया गया है।

लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर बैंक लॉकरों, भूमि रजिस्ट्री दस्तावेजों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। कानून प्रवर्तन तंत्र से जुड़े निचले स्तर के कर्मचारी के पास से इतने बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्तियां उजागर होने से सरकारी महकमे में जवाबदेही और भ्रष्टाचार पर कड़ी निगरानी को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed