नालंदा में उत्पाद विभाग के सिपाही की मौत मामले में मोड़: साथी जवान की राइफल से गोली चलने का खुलासा, दारोगा व अन्य हिरासत में
नालंदा में उत्पाद विभाग के सिपाही की मौत मामले में मोड़: साथी जवान की राइफल से गोली चलने का खुलासा, दारोगा व अन्य हिरासत में
बिहार के नालंदा जिले में शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की गोली लगने से हुई मौत के मामले में जांच के दौरान एक नया मोड़ सामने आया है। शुरुआत में दावा किया गया था कि 14-15 अक्टूबर की रात पावापुरी-गिरियक इलाके में हाईवे पर शराब तस्करों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें सिपाही की जान चली गई। हालांकि, पुलिस की प्राथमिक व तकनीकी जांच में यह तथ्य उजागर हुआ है कि सिपाही को शराब तस्करों ने नहीं, बल्कि उनकी ही टीम के एक साथी होमगार्ड जवान की सरकारी राइफल से चली गोली लगी थी।
जांच में झूठी कहानी गढ़ने और अधिकारियों को भ्रामक सूचना देने का मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहीं महिला दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) पुष्पा कुमारी और संबंधित होमगार्ड जवानों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उत्पाद अधीक्षक के अनुसार, पटना मुख्यालय की उत्पाद खुफिया इकाई (EIB) की इस टीम ने शराब की खेप का पीछा करने से पहले न तो स्थानीय थाने को कोई सूचना दी थी और न ही जिले के वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया था।
घटनाक्रम के अनुसार, झारखंड से लाई जा रही शराब की कथित खेप का पीछा करते समय यह हादसा हुआ था। गोली लगने के बाद घायल सिपाही अजीत कुमार को पहले पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (विम्स) ले जाया गया, जहाँ से हालत गंभीर होने पर उन्हें पटना भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस खुलासे के बाद छापेमारी दल में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के उल्लंघन और हथियारों के इस्तेमाल में भारी लापरवाही की बात सामने आई है। पुलिस ने लापरवाही बरतने और गोली चलाने वाले कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
