दुर्गा पूजा में बिछड़े लोगों को मिलाने के लिए कोलकाता पुलिस ने शुरू की ‘बंधु कोलकाता’ पहल और विशेष डिजिटल ट्रैकिंग सुविधा
दुर्गा पूजा में बिछड़े लोगों को मिलाने के लिए कोलकाता पुलिस ने शुरू की 'बंधु कोलकाता' पहल और विशेष डिजिटल ट्रैकिंग सुविधा
दुर्गा पूजा के दौरान महानगर के विभिन्न पूजा पंडालों में उमड़ने वाली भारी भीड़ में परिजनों से बिछड़ने वाले बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा व सहायता के लिए कोलकाता पुलिस ने 'बंधु कोलकाता' (Bandhu Kolkata) नामक एक विशेष पहल और डिजिटल ट्रैकिंग सेवा शुरू की है। इस अभियान की शुरुआत कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार से की गई, जहाँ से 10 विशेष 'बंधु कोलकाता' वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। ये वाहन पंचमी से लेकर विजयादशमी तक शहर के दसों पुलिस डिवीजनों में लगातार गश्त करेंगे और बचाव व सहायता कार्य संभालेंगे।
इस नई व्यवस्था के तहत पुलिस ने एक मोबाइल ऐप के साथ बच्चों के लिए क्यूआर कोड आधारित रिस्टबैंड की सुविधा पेश की है। अभिभावक ऐप में अपने बच्चे का नाम, माता-पिता का विवरण, संपर्क सूत्र और पता पंजीकृत कर सकते हैं। इसके बाद बच्चे की कलाई पर क्यूआर कोड बैंड लगाया जाएगा। यदि भारी भीड़ के बीच कोई बच्चा परिजनों से अलग हो जाता है, तो कोई भी आम नागरिक अथवा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी उस कोड को स्कैन करके सीधे उसके परिवार से संपर्क साध सकेगा।
कोलकाता पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, पूजा उत्सव के दौरान लाखों की तादाद में लोग पंडाल भ्रमण के लिए सड़कों पर उतरते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के खो जाने का जोखिम बना रहता है। प्रशासन ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय निकटतम पुलिसकर्मी या सहायता बूथ से संपर्क करें। इस मानवीय पहल के क्रियान्वयन में पुलिस के साथ कई स्वयंसेवी संगठन और संबंधित सरकारी विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं, ताकि त्योहार के दौरान आम जनता सुरक्षित माहौल में उत्सव का आनंद ले सके।
