छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, सरकार ने तय किया 160 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, सरकार ने तय किया 160 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष के तहत समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान उपार्जन की तारीख और लक्ष्य की आधिकारिक घोषणा कर दी है। राज्य में धान की सरकारी खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी और 31 जनवरी तक चलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले के अहिवारा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन व विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान इस निर्णय की जानकारी दी।
इस खरीफ सत्र के लिए राज्य सरकार ने 160 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पिछले सत्र के 140 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य से 20 लाख मीट्रिक टन अधिक है। राज्य में पंजीकृत किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा। नियमों के तहत प्रत्येक पंजीकृत किसान से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा सकेगी।
खरीदी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उपार्जन केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों का एकीकृत किसान पोर्टल/एग्रीस्टैक पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त खरीदी केंद्रों पर भीड़ प्रबंधन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टोकन व्यवस्था तथा बायोमेट्रिक सत्यापन लागू रहेगा। अंतरराज्यीय सीमाओं पर अवैध धान की आवक रोकने के लिए निगरानी चेक पोस्ट भी सक्रिय किए जा रहे हैं।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य में धान की कटाई शुरू हो चुकी है और विपक्षी दलों द्वारा धान खरीदी की शुरुआत 1 नवंबर से करने की मांग को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। धान खरीदी की तारीख और नियमों के स्पष्ट होने से प्रदेश के लाखों किसानों को अपनी फसल कटाई और उपार्जन केंद्रों तक उपज पहुंचाने की योजना बनाने में सहूलियत मिलेगी।
