कोलकाता में दुर्गा पूजा पास घोटाले के आरोप में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन गिरफ्तार
कोलकाता में दुर्गा पूजा पास घोटाले के आरोप में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन और संस्कृति मंत्री तथा तृणमूल कांग्रेस के नेता इंद्रनील सेन को कोलकाता पुलिस की खुफिया शाखा ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी 28 अक्टूबर 2026 की शाम को सॉल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स के बाहर हुई। इंद्रनील सेन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित हुए थे और लगभग चार घंटे की पूछताछ समाप्त कर बाहर निकलते ही राज्य पुलिस की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया, जिसके बाद उन्हें कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार ले जाकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार घोषित किया गया।
यह मामला दुर्गा पूजा पंडालों के 'प्रीव्यू शो' और विशेष प्रवेश (प्रिविलेज्ड एंट्री) पासों की कथित अवैध बिक्री तथा वित्तीय गबन से जुड़ा हुआ है। पुलिस जांच के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 के बीच 'मासआर्ट' (MassArt) नामक संस्था के जरिए यूनेस्को के नाम और प्रतीक चिन्ह (लोगो) का कथित दुरुपयोग कर महंगे टिकट व पास बेचे गए थे। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान लगभग 50 से 60 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी की गई। इस संबंध में कोलकाता के बहुबाजार थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस और केंद्रीय एजेंसी दोनों समानांतर जांच कर रही हैं।
गिरफ्तारी से पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस मामले में इंद्रनील सेन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था, लेकिन वहां भी उन्हें कोई फौरी राहत नहीं मिल सकी थी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के कई समन की अनदेखी करने और लेन-देन के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर यह कदम उठाया गया है। आरोपी को आगे की रिमांड और विस्तृत पूछताछ के लिए अदालत में पेश किया जा रहा है।
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां सत्ता पक्ष ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ साक्ष्यों पर आधारित कार्रवाई करार दिया है, वहीं विपक्षी तृणमूल कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस मामले ने सांस्कृतिक आयोजनों के नाम पर पास वितरण और आम जनता के लिए पंडाल दर्शन की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता को लेकर भी व्यापक बहस छेड़ दी है।
