उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को नवंबर के बिल में 9.17 प्रतिशत की राहत, उपभोक्ताओं के बचेंगे ₹645 करोड़
उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को नवंबर के बिल में 9.17 प्रतिशत की राहत, उपभोक्ताओं के बचेंगे ₹645 करोड़
उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को नवंबर महीने के बिल में लागू बिजली शुल्क पर 9.17 प्रतिशत की राहत दी जाएगी। इस निर्णय से प्रदेश भर के घरेलू, व्यावसायिक और अन्य सभी श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं को लगभग 645 करोड़ रुपये की सीधी वित्तीय बचत होने का अनुमान है। यह राहत 'फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज' (FPAAS) प्रणाली के तहत लागू की गई है।
यह लगातार पांचवां महीना है जब राज्य के उपभोक्ताओं को नकारात्मक एफपीएएएस व्यवस्था के माध्यम से बिजली दरों में छूट मिल रही है। इससे पूर्व उपभोक्ताओं को जुलाई में 4.43 प्रतिशत, अगस्त में 2.92 प्रतिशत, सितंबर में 7.93 प्रतिशत और अक्टूबर में 5.24 प्रतिशत की राहत दी गई थी। नवंबर में घोषित 9.17 प्रतिशत की कटौती इस पांच महीने की अवधि में अब तक की सबसे बड़ी राहत है।
नियामकीय नियमों के अनुसार, एफपीएएएस तंत्र के तहत बिजली उत्पादन में प्रयुक्त ईंधन और बिजली खरीद की वास्तविक लागत में होने वाले उतार-चढ़ाव का समायोजन बिलों में किया जाता है। जब बिजली खरीद और ईंधन की वास्तविक लागत पहले से निर्धारित शुल्क दरों से कम आती है, तो यह अधिशेष राशि बिलों में छूट के रूप में सीधे उपभोक्ताओं को वापस की जाती है।
इस कटौती का सीधा असर राज्य के तीन करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। त्योहारों के मौसम में ऊर्जा खरीद लागत में कमी और बेहतर प्रबंधन का लाभ मिलने से आम परिवारों से लेकर दुकानदारों और छोटे उद्योगों के मासिक बिजली बिलों का बोझ उल्लेखनीय रूप से कम होगा। व्यक्तिगत उपभोक्ताओं को मिलने वाली राहत की कुल राशि उनके मासिक उपभोग और लागू शुल्क श्रेणी के आधार पर तय की जाएगी।
