पटना से लखनऊ आ रहे विमान का अगला हिस्सा 17,000 फीट की ऊंचाई पर क्षतिग्रस्त, सभी 110 यात्री और चालक दल सुरक्षित
पटना से लखनऊ आ रहे विमान का अगला हिस्सा 17,000 फीट की ऊंचाई पर क्षतिग्रस्त, सभी 110 यात्री और चालक दल सुरक्षित
**घटना का विवरण**
पटना से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आ रहे एक यात्री विमान के साथ उड़ान के दौरान हवा में मौसम संबंधी तकनीकी घटना सामने आई। 7 अक्टूबर 2026 को पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाला एयरबस ए320 नियो विमान (उड़ान संख्या 6E925) जब लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर अवतरण (डिसेंट) कर रहा था, तब लगभग 17,000 फीट की ऊंचाई पर वह गंभीर मौसमी परिस्थितियों की चपेट में आ गया। इस दौरान विमान का सामना तेज आंधी, ओलावृष्टि और संदिग्ध आकाशीय बिजली से हुआ, जिससे विमान के अगले हिस्से (नोज सेक्शन/रेडोम) पर गहरा डेंट आ गया और वह क्षतिग्रस्त हो गया।
**लैंडिंग और सुरक्षा स्थिति**
विमान में 104 यात्री और 6 चालक दल के सदस्य यानी कुल 110 लोग सवार थे। हवा में तेज झटके महसूस होने के बावजूद विमान के पायलटों ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा और विमान को निर्धारित समय से पहले ही शाम लगभग 4:05 बजे लखनऊ हवाई अड्डे के रनवे पर सामान्य रूप से सुरक्षित उतार लिया। हवाई अड्डा प्रशासन के अनुसार, यह कोई आपातकालीन लैंडिंग नहीं थी बल्कि सामान्य लैंडिंग प्रक्रिया पूरी की गई। विमान के सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और इस घटना में किसी को भी कोई चोट नहीं आई।
**विमान की ग्राउंडिंग और तकनीकी जांच**
लैंडिंग के बाद ग्राउंड इंस्पेक्शन के दौरान हवाई अड्डे की तकनीकी टीम ने विमान के नोज कोन पर नुकसान देखा। तुरंत एयरलाइन प्रबंधन को इसकी सूचना दी गई और विमान को अग्रिम आदेश तक सेवा से हटाते हुए ‘एयरक्राफ्ट ऑन ग्राउंड’ (AOG) घोषित कर दिया गया। प्रारंभिक आकलन में इस बात की जांच की जा रही है कि यह क्षति आकाशीय बिजली गिरने से हुई अथवा बीच हवा में ओलों और बर्फ के टुकड़ों के टकराने से। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने पूरे मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। विस्तृत तकनीकी निरीक्षण और नियामक मंजूरी मिलने के बाद ही विमान को दोबारा परिचालन की अनुमति दी जाएगी।
**यात्रियों और उड़ानों पर प्रभाव**
इस विमान को लखनऊ से आगे अहमदाबाद के लिए उड़ान भरनी थी। तकनीकी खराबी और सुरक्षा कारणों से उस निर्धारित उड़ान को रद्द कर दिया गया। एयरलाइन द्वारा अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई, जिसने शाम को अपनी यात्रा पूरी की। इसके अलावा यात्रियों को टिकट रीशिड्यूल करने या पूरा रिफंड लेने का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया।
**हवाई यात्रियों के लिए उपयोगी जानकारी**
मानसून की वापसी और मौसमी बदलाव के दौरान बादलों में तेज संवहन (कन्वेक्टिव) गतिविधियां, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। आधुनिक वाणिज्यिक विमानों का ढांचा इस प्रकार की बिजली और मौसमी झटकों को सहने के लिए डिजाइन किया जाता है, जिससे केबिन के भीतर यात्री सुरक्षित रहते हैं। हवाई यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे उड़ान के दौरान, विशेषकर अवतरण और चढ़ाव के समय, सीट बेल्ट कसकर बांधे रखें और खराब मौसम की स्थिति में उड़ानों के समय में होने वाले संभावित बदलावों की जानकारी हेतु एयरलाइन के आधिकारिक संचार माध्यमों पर नजर बनाए रखें।


