पश्चिम बंगाल में WBHS लाभार्थियों को 31 अक्टूबर तक ‘स्वास्थ्य साथी’ और अन्य स्वास्थ्य कार्ड सरेंडर करने का सरकारी निर्देश
पश्चिम बंगाल में WBHS लाभार्थियों को 31 अक्टूबर तक ‘स्वास्थ्य साथी’ और अन्य स्वास्थ्य कार्ड सरेंडर करने का सरकारी निर्देश
**आधिकारिक आदेश और मुख्य निर्णय**
पश्चिम बंगाल सरकार के वित्त विभाग (मेडिकल सेल) ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर ‘वेस्ट बंगाल हेल्थ स्कीम’ (WBHS) के तहत पंजीकृत सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को निर्देश दिया है कि यदि उनके या उनके परिवार के सदस्यों के पास ‘स्वास्थ्य साथी’ अथवा ‘आयुष्मान भारत’ कार्ड हैं, तो वे उन्हें 31 अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से सरेंडर कर दें। यह आदेश राज्य सेवा के कर्मचारियों के साथ-साथ अखिल भारतीय सेवा (AIS) के अधिकारियों और उनके आश्रितों पर भी समान रूप से लागू किया गया है।
**पृष्ठभूमि और दोहरे लाभ पर रोक**
प्रशासन के संज्ञान में यह तथ्य आया था कि राज्य सरकार की समर्पित स्वास्थ्य योजना (WBHS) में शामिल कई कर्मचारी और पेंशनभोगी एक साथ दोहरी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उठा रहे थे या उनके पास समानांतर रूप से अन्य योजनाओं के कार्ड मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि हाल ही में 1 अक्टूबर 2026 से WBHS के तहत निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में इन-पेशेंट (IPD) कैशलेस इलाज की सीमा को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख प्रति दाखिला किया गया है। इस व्यवस्था के सुचारू संचालन और सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार ने दोहरे कार्ड रखने की प्रथा को समाप्त करने का निर्णय लिया है।
**प्रक्रिया और जमा करने के निर्देश**
अधिसूचना के अनुसार, कार्डधारकों को कार्ड सरेंडर करने के साथ-साथ निर्धारित प्रारूप (Annexure-A) में एक औपचारिक स्व-घोषणा (डिक्लेरेशन) और कार्ड जमा करने की पावती (प्रूफ ऑफ सरेंडर) प्रस्तुत करनी होगी।
* कार्यरत कर्मचारियों को यह दस्तावेज अपने संबंधित कार्यालय प्रमुख (Head of Office) के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
* पेंशनभोगियों को यह घोषणा अपने संबंधित पेंशन/WBHS क्लेम वितरण कार्यालय में जमा करानी होगी।
**समय-सीमा और दंडात्मक प्रावधान**
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 31 अक्टूबर 2026 तक निर्देशों का पालन न करने पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। समय-सीमा बीतने के बाद अनुपालन न करने वाले लाभार्थियों के लिए WBHS के तहत मिलने वाले सभी चिकित्सा लाभ और कैशलेस सुविधाएं तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, सेवारत कर्मचारियों द्वारा आदेश की अवहेलना को सेवा नियमों के तहत कदाचार (misconduct) माना जाएगा और उनके खिलाफ तत्काल औपचारिक विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
**संबंधित लाभार्थियों के लिए जरूरी कदम**
WBHS से जुड़े सभी सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना अपने व अपने आश्रितों के स्वास्थ्य साथी/आयुष्मान भारत कार्ड संबंधित स्थानीय निकाय या जारीकर्ता प्राधिकारी के पास सरेंडर कर उसकी रसीद प्राप्त करें, ताकि उनके WBHS खाते की मान्यता निर्बाध रूप से बनी रहे।


