कर्नाटक में गन्ने के समर्थन मूल्य को लेकर किसानों का प्रदर्शन, पुणे-बेंगलुरु समेत कई राष्ट्रीय राजमार्ग जाम
कर्नाटक में गन्ने के समर्थन मूल्य को लेकर किसानों का प्रदर्शन, पुणे-बेंगलुरु समेत कई राष्ट्रीय राजमार्ग जाम
कर्नाटक में गन्ना उत्पादक किसानों ने गन्ने के उचित व लाभकारी मूल्य (FRP) और चीनी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन शुरू किया है। राज्य के बेलगावी, बागलकोट, धारवाड़ और विजयपुरा जिलों में विभिन्न किसान संगठनों से जुड़े किसानों ने कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।
इस आंदोलन का सबसे व्यापक असर बेलगावी जिले में देखने को मिला, जहाँ किसानों ने पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर हत्तरगी और हीरेबागेवाड़ी टोल प्लाजा के पास दोनों तरफ के रास्तों को रोक दिया। इसके साथ ही विजयपुरा-बेंगलुरु मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग 50 तथा बागलकोट में रायचूर-सोलापुर राजमार्ग पर भी प्रदर्शनकारियों ने वाहनों की आवाजाही ठप कर दी। 'कर्नाटक राज्य रैयत संघ' और 'हसीरु सेने' सहित कई किसान संगठनों के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी सड़कों पर धरने पर बैठ गए।
किसानों की प्रमुख मांगों में गन्ने के लिए उचित और लाभकारी मूल्य को बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति टन करना, चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 60 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित करना, और चीनी मिलों में गन्ने के तौल व रिकवरी आकलन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। इसके साथ ही प्रदर्शनकारी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, राज्य में उत्पादित एथेनॉल की खरीद बढ़ाने और पेराई सत्र शीघ्र शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
यह आंदोलन नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसान प्रतिनिधियों की हालिया वार्ता में कोई सहमति न बन पाने के बाद शुरू हुआ है। राजमार्गों पर अवरोध के चलते भारी वाहनों और ट्रकों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे अंतरराज्यीय माल ढुलाई और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा, जबकि आपातकालीन वाहनों को वैकल्पिक व सर्विस लेन से निकलने दिया गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
