** कैलिफ़ोर्निया के गार्डन ग्रोव रासायनिक संकट मामले में जीकेएन एयरोस्पेस के साथ 12.5 करोड़ डॉलर का समझौता
** कैलिफ़ोर्निया के गार्डन ग्रोव रासायनिक संकट मामले में जीकेएन एयरोस्पेस के साथ 12.5 करोड़ डॉलर का समझौता
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कैलिफ़ोर्निया के ऑरेंज काउंटी में इस वर्ष मई महीने में हुए खतरनाक रासायनिक रिसाव संकट को लेकर सरकारी अभियोजकों और जीकेएन एयरोस्पेस (GKN Aerospace) के बीच 12.5 करोड़ डॉलर (125 मिलियन डॉलर) का एक बड़ा दीवानी समझौता हुआ है। ऑरेंज काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी टॉड स्पिट्जर ने 12 अक्टूबर को घोषणा की कि कंपनी के साथ इस समझौते की रूपरेखा तैयार कर ली गई है और इसे अंतिम न्यायिक मंजूरी के लिए सुपीरियर कोर्ट में पेश कर दिया गया है।
यह मामला गार्डन ग्रोव स्थित कंपनी के संयंत्र से जुड़ा है, जहाँ 21 मई को 34,000 गैलन क्षमता वाले एक स्टोरेज टैंक में अत्यधिक वाष्पशील रसायन 'मिथाइल मेथैक्रिलेट' (MMA) का तापमान अनियंत्रित रूप से बढ़ने और वाष्प रिसने के कारण विस्फोट का गंभीर खतरा पैदा हो गया था। इसके चलते प्रशासन को आपातकालीन निकासी के आदेश जारी करने पड़े थे, जिससे गार्डन ग्रोव और आसपास के पाँच शहरों के लगभग 50,000 निवासियों को कई दिनों तक अपने घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी थी।
समझौते की शर्तों के अनुसार, जीकेएन एयरोस्पेस प्रभावित निवासियों और स्थानीय व्यापारियों के लिए 10 करोड़ डॉलर (100 मिलियन डॉलर) का एक विशेष दावा निपटान फंड स्थापित करेगी। इस राशि का उपयोग निकासी के दौरान होटल में ठहरने, विस्थापन, भोजन और कारोबार में हुए नुकसान की भरपाई के लिए किया जाएगा। इस फंड का प्रबंधन एक स्वतंत्र तीसरे पक्ष द्वारा किया जाएगा, ताकि दावेदारों को निष्पक्ष और त्वरित मुआवजा मिल सके।
इसके अतिरिक्त, समझौते के तहत कंपनी आपातकालीन राहत कार्यों और सरकारी एजेंसियों के खर्चों की प्रतिपूर्ति के रूप में 84.7 लाख डॉलर का भुगतान करेगी। साथ ही, कंपनी पर 1.5 करोड़ डॉलर का दीवानी जुर्माना भी लगाया गया है। भविष्य में इस प्रकार के हादसों को रोकने के उद्देश्य से समझौते में एक व्यापक सुरक्षा योजना और संयंत्र की सात वर्षों तक नियमित निगरानी की अनिवार्य शर्त भी शामिल की गई है।
स्थानीय प्रशासन और गार्डन ग्रोव की मेयर स्टेफ़नी क्लोपेनस्टीन ने इस समझौते को प्रभावित नागरिकों के अधिकारों और क्षेत्र की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। अदालत से औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद आने वाले दिनों में मुआवजे के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है, जिससे हजारों प्रभावित परिवारों को सीधा आर्थिक सहारा मिलेगा।
