मध्य प्रदेश कैबिनेट ने तय की ‘विकसित एमपी 2047’ की रूपरेखा; 2 लाख सरकारी नौकरियों, नए मेडिकल कॉलेजों और अग्निवीरों के लिए आरक्षण का संकल्प
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने तय की 'विकसित एमपी 2047' की रूपरेखा; 2 लाख सरकारी नौकरियों, नए मेडिकल कॉलेजों और अग्निवीरों के लिए आरक्षण का संकल्प
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और वर्ष 2047 तक 'विकसित मध्य प्रदेश' के निर्माण से जुड़े विज़न को रेखांकित किया गया। बैठक के दौरान राज्य मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक जीवन और सुशासन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सर्वसम्मति से एक अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया।
कैबिनेट में युवाओं, शिक्षा और रोजगार को गति देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। इसके तहत प्रदेश में 2 लाख से अधिक सरकारी नौकरियों के सृजन का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा, आगामी वर्ष में 12 नए मेडिकल कॉलेज तथा 12 कौशल विश्वविद्यालय (स्किल यूनिवर्सिटी) शुरू करने और एक लाख युवाओं को उद्योग-उन्मुख कौशल प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। कैबिनेट ने पांच प्रमुख वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत भर्ती आरक्षण के प्रावधान को भी दोहराया।
बैठक में आधारभूत ढांचे और धार्मिक-सामाजिक आयोजनों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। भोपाल और इंदौर में करीब 23,000 करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाओं, केन-बेतवा व पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं तथा उज्जैन में होने वाले 'सिंहस्थ 2028' के कार्यों को मिशन मोड पर पूरा करने पर बल दिया गया, जिसके तहत प्रमुख निर्माण कार्य दिवाली 2027 तक पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। इन पहलों से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, सिंचाई क्षमता में वृद्धि और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनने की संभावना है।
