अहमदाबाद में 158 शरणार्थियों को मिले भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र, सीएए के तहत 126 को मिली वैधानिक पहचान
अहमदाबाद में 158 शरणार्थियों को मिले भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र, सीएए के तहत 126 को मिली वैधानिक पहचान
13 अक्टूबर 2026 को गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित एक विशेष प्रशासनिक कार्यक्रम में 158 शरणार्थियों को औपचारिक रूप से भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। अहमदाबाद जिला प्रशासन की ओर से सोला क्षेत्र स्थित एसएएल (SAL) इंस्टीट्यूट परिसर में आयोजित ‘भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र वितरण समारोह’ के दौरान राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने इन लाभार्थियों को नागरिकता के दस्तावेज सौंपे। इस अवसर पर शहरी विकास एवं शहरी आवास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रशासनिक विवरण के अनुसार, नागरिकता प्राप्त करने वाले कुल 158 लोगों में से 126 लाभार्थियों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के अंतर्गत पात्रता दी गई है, जबकि 32 अन्य लाभार्थियों के आवेदनों का निस्तारण जिला कलेक्टर कार्यालय के नियमित पंजीकरण माध्यम से पूरा किया गया। यह सभी लाभार्थी मुख्य रूप से पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना व अन्य कारणों से विस्थापित होकर भारत आए अल्पसंख्यक हिंदू शरणार्थी परिवार हैं, जो वर्षों से गुजरात में अस्थायी निवास के साथ प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे थे। प्रमाणपत्र पाने वालों में शामिल नरेंद्र कुमार, श्रवण कुमार और शारदा देवी सहित कई शरणार्थियों ने औपचारिक नागरिकता मिलने पर खुशी जाहिर की।
समारोह को संबोधित करते हुए गृह राज्य मंत्री ने कहा कि शरणार्थी परिवारों ने अपनी मातृभूमि छोड़ने से लेकर पुनर्वास तक के सफर में भारी सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को वैधानिक पहचान और सम्मानजनक जीवन देना मानवीय दृष्टिकोण से अत्यंत आवश्यक कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक विरोध करने वाले लोग इन परिवारों द्वारा झेली गई वास्तविक पीड़ा को नहीं समझ सके।
पृष्ठभूमि के तौर पर, केंद्र सरकार ने पूर्व में जारी राजपत्रित अधिसूचनाओं (2016 और 2018) के माध्यम से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता अधिनियम, 1955 की धाराओं के तहत नागरिकता देने के अधिकार चयनित जिला कलेक्टरों को सौंपे थे। वर्ष 2017 से 2025 के बीच केवल अहमदाबाद जिले में ही 1,200 से अधिक आवेदकों को भारतीय नागरिकता प्रदान की जा चुकी है। इस फैसले से इन परिवारों को अब संपत्ति खरीदने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, स्थायी रोजगार प्राप्त करने और मतदान करने जैसे सभी संवैधानिक अधिकार प्राप्त हो सकेंगे।
