उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में 51 नई खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मिली मंजूरी, 276 करोड़ रुपये से अधिक का होगा निवेश

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उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में 51 नई खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मिली मंजूरी, 276 करोड़ रुपये से अधिक का होगा निवेश - AI Featured Image

उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में 51 नई खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मिली मंजूरी, 276 करोड़ रुपये से अधिक का होगा निवेश

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के उद्देश्य से राज्य के 25 जिलों में 51 नई खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) परियोजनाओं को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह निर्णय राज्य की 'खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023' के अंतर्गत कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय सशक्त समिति (एसएलईसी) की बैठक में लिया गया। इन स्वीकृत परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में कुल 276.80 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होगा, जिसके लिए सरकार की ओर से 65.55 करोड़ रुपये का अनुदान और वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।

इस योजना के तहत लखनऊ, कानपुर नगर, गोरखपुर, वाराणसी, आगरा, बरेली, सीतापुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, शाहजहांपुर, बदायूं, आजमगढ़, श्रावस्ती, इटावा, कुशीनगर, एटा, बहराइच, बिजनौर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, रामपुर और हरदोई समेत 25 जिलों में प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। स्वीकृत प्रस्तावों में फल और सब्जियों का प्रसंस्करण, डिहाइड्रेटेड उत्पाद, डेयरी एवं दुग्ध उत्पाद, दाल व आटा मिलें, खाद्य तेल, बेकरी तथा रेडी-टू-ईट उत्पादों से जुड़ी इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा नीति में सौर ऊर्जा आधारित प्रसंस्करण इकाइयों और महिला उद्यमी समूहों द्वारा संचालित परियोजनाओं को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है।

इन नई इकाइयों की स्थापना से संबंधित क्षेत्रों के किसानों को अपनी फसलों और बागवानी उपज के लिए स्थानीय स्तर पर ही सीधा बाजार उपलब्ध होगा। नीति के प्रावधानों के अनुसार इन प्रसंस्करण संयंत्रों में कच्चे माल की आपूर्ति के लिए स्थानीय किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे तुड़ाई के बाद फसलों की होने वाली बर्बादी में कमी आएगी और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। इसके साथ ही ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर सृजित होने और औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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