** रांची आईआईआईटी में छात्र की मौत के बाद केंद्र सरकार ने गठित की तीन सदस्यीय जांच समिति
** रांची आईआईआईटी में छात्र की मौत के बाद केंद्र सरकार ने गठित की तीन सदस्यीय जांच समिति
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झारखंड की राजधानी रांची स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT Ranchi) के छात्रावास में प्रथम वर्ष के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है। मंत्रालय ने इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल करने के लिए मंगलवार (13 अक्टूबर 2026) को तीन सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन किया। यह समिति दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी की अध्यक्षता में काम करेगी। समिति में एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
यह घटना रांची के खेलगांव स्थित आईआईआईटी के छात्रावास में सामने आई थी, जहां बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया था। साथी छात्रों का आरोप है कि घटना के समय छात्र की सांसें चल रही थीं, लेकिन संस्थान में आपातकालीन चिकित्सा सहायता और बुनियादी जीवन रक्षक उपकरणों (लाइफ सपोर्ट सिस्टम) से लैस एम्बुलेंस की अनुपलब्धता के कारण उसे समय पर समुचित उपचार नहीं मिल सका, जिससे अस्पताल ले जाते वक्त उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद संस्थान परिसर में छात्रों ने प्रशासनिक लापरवाही और प्रबंधन की अनदेखी के खिलाफ व्यापक विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया और धरने पर बैठ गए।
छात्रों के बढ़ते आक्रोश और सुरक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे गंभीर सवालों को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह प्रशासनिक हस्तक्षेप किया है। जांच समिति को निर्देश दिया गया है कि वह छात्र की मौत की परिस्थितियों, संस्थान में प्राथमिक स्वास्थ्य व जीवन रक्षक व्यवस्थाओं, छात्रावास प्रबंधन की कार्यप्रणाली और विद्यार्थियों की शिकायतों के निवारण तंत्र (ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम) की समग्र समीक्षा करे। समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगी, जिसके आधार पर संस्थान में प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य एवं त्वरित चिकित्सा सेवाओं को सुनिश्चित करने के कदम उठाए जाएंगे।
