इंदौर में हेड कांस्टेबल फिरोज खान के 15 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, करोड़ों रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा
इंदौर में हेड कांस्टेबल फिरोज खान के 15 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, करोड़ों रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा
मध्य प्रदेश के इंदौर और देवास जिलों में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 की सुबह भ्रष्टाचार निवारण के तहत एक बड़ी कार्रवाई हुई। इंदौर स्थित पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) में पदस्थ प्रधान आरक्षक (चालक) फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में लोकायुक्त की इंदौर और उज्जैन संयुक्त टीमों ने इंदौर और देवास में कुल 15 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
जांच के दौरान आरोपी और उससे जुड़े लोगों की करीब 33 संपत्तियों का विवरण सामने आया, जिनका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 30 करोड़ रुपये आंका गया है। इसके अलावा 21 बैंक खातों और 9 वाहनों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के ज्ञात वैध आय स्रोतों की तुलना में चल-अचल संपत्तियों पर किया गया खर्च कई गुना अधिक पाया गया है, जो प्राथमिक जांच में भारी अनुपातहीन संपत्ति की ओर इशारा करता है।
तलाशी में कई आवासीय मकानों, भूखंडों, कृषि भूमि और व्यावसायिक फर्मों के दस्तावेज आरोपी, उसके परिजनों और करीबियों के नाम पर दर्ज पाए गए हैं। लोकायुक्त की टीम ने संबंधित बैंक खातों से निकासी पर रोक लगा दी है और जमीनी सौदों व वित्तीय लेनदेन से जुड़े सभी दस्तावेजों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
पुलिस महकमे के एक कर्मचारी के पास से इतने बड़े पैमाने पर संपत्ति और संपत्तियों के दस्तावेज मिलने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। इस तरह की कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति जुटाने वाले लोकसेवकों पर निगरानी तंत्र लगातार नजर बनाए हुए है, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
