छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: मैनपावर भुगतान मामले में पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी और बीआर लोहिया के खिलाफ पूरक चालान पेश
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: मैनपावर भुगतान मामले में पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी और बीआर लोहिया के खिलाफ पूरक चालान पेश
छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के माध्यम से कथित शराब घोटाले और मैनपावर भुगतान में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रायपुर स्थित विशेष न्यायालय में पूरक चालान दाखिल किया है। यह पूरक चालान CSMCL के तत्कालीन प्रबंध संचालक (MD) अरुणपति त्रिपाठी और मैनपावर एजेंसी संचालक बच्छ राज लोहिया उर्फ बी.आर. लोहिया के खिलाफ पेश किया गया है। वर्तमान में अरुणपति त्रिपाठी रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं, जबकि बी.आर. लोहिया फरार बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, शासकीय शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के नाम पर पांच मैनपावर एजेंसियों को 182.98 करोड़ रुपये से अधिक का कथित तौर पर अतिरिक्त और नियम विरुद्ध भुगतान किया गया। जांच में यह आरोप सामने आया है कि प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से तैनात कर्मचारियों को मिलने वाले ओवरटाइम, बोनस और चार अतिरिक्त दिनों के कार्य का वास्तविक लाभ कर्मचारियों तक नहीं पहुंचाया गया, बल्कि फर्जी रिकॉर्ड और बढ़े हुए बिल तैयार कर भुगतान निकाला गया। कथित तौर पर इस अतिरिक्त भुगतान में से एक बड़ा हिस्सा अधिकारियों और सिंडिकेट को कमीशन के रूप में दिया जाता था।
दस्तावेजों के मुताबिक, अकेले अरुणपति त्रिपाठी के कार्यकाल के दौरान विभिन्न मदों और सेवा शुल्क के नाम पर एजेंसियों को लगभग 152.40 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया था। वहीं बी.आर. लोहिया से संबंधित एजेंसियों को भी करोड़ों रुपये का भुगतान मिलने का आरोप है। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत जांच के दौरान मिले नए साक्ष्यों के आधार पर यह लगभग 500 पृष्ठों का पूरक चालान अदालत में रखा गया है। इस मामले में पूर्व में भी कई आरोपियों के खिलाफ प्राथमिक चालान पेश किया जा चुका है।
इस मामले का सीधा संबंध सरकारी राजस्व और संविदा पर तैनात कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। एक ओर जहां दुकानों में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को उनके तय भत्तों और ओवरटाइम की राशि से वंचित रखने के गंभीर आरोप हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य के खजाने को भारी वित्तीय नुकसान पहुँचाने का मामला सामने आया है। अदालत में पूरक चालान पेश होने के बाद अब इस बहुचर्चित प्रकरण में कानूनी सुनवाई आगे बढ़ेगी।
