लाहौल-स्पीति के रोंगटोंग में हिमाचल के पहले बैटरी स्टोरेज सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण, 116.28 करोड़ की विकास योजनाओं की शुरुआत
लाहौल-स्पीति के रोंगटोंग में हिमाचल के पहले बैटरी स्टोरेज सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण, 116.28 करोड़ की विकास योजनाओं की शुरुआत
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जनजातीय और सीमावर्ती जिले लाहौल-स्पीति के दौरे के दौरान स्पीति घाटी के रोंगटोंग (काजा) में राज्य के पहले बैटरी स्टोरेज युक्त सौर ऊर्जा संयंत्र का विधिवत लोकार्पण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिले में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कुल 116.28 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए।
रोंगटोंग में स्थापित यह 2 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र 1 मेगावाट-आवर क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) से लैस है। लगभग 4.42 करोड़ रुपये की लागत से समुद्र तल से 3,600 मीटर की ऊंचाई पर निर्मित इस संयंत्र से सालाना करीब 36 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादित होने का अनुमान है। इस परियोजना का निर्माण कार्य 30 मई 2023 को शुरू किया गया था और ट्रायल फेज के बाद से 30 सितंबर तक इस संयंत्र से 22.58 लाख से अधिक यूनिट बिजली का उत्पादन सफलतापूर्वक दर्ज किया जा चुका है।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विद्युत तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए 47.95 करोड़ रुपये की कुल लागत से किन्नौर के सुमदो और स्पीति के काजा में 66/22 केवी के दो सब-स्टेशनों की आधारशिला भी रखी। इसके अलावा, रोंगटोंग जलविद्युत परियोजना को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाने के लिए 6 करोड़ रुपये व्यय करने और आने वाले समय में स्पीति घाटी के चहुंमुखी विकास पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की भी घोषणा की गई।
इस परियोजना का स्थानीय जनजीवन पर गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सर्दियों के मौसम में अत्यधिक ठंड और शून्य से नीचे तापमान चले जाने के कारण प्राकृतिक जलस्रोत जम जाते हैं, जिससे पारंपरिक जलविद्युत उत्पादन बाधित होता था और घाटी में महीनों तक बिजली संकट रहता था। बैटरी स्टोरेज बैकअप के साथ सौर ऊर्जा मिलने से स्थानीय आबादी, स्वास्थ्य केंद्रों और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के समीप तैनात सुरक्षा बलों को सर्दियों में भी निर्बाध बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
