आईआईआईटी रांची में प्रथम वर्ष के छात्र की मौत पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बैठाई तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति
आईआईआईटी रांची में प्रथम वर्ष के छात्र की मौत पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बैठाई तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति
झारखंड की राजधानी रांची स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी रांची) के हॉस्टल में बीटेक प्रथम वर्ष के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस जांच समिति का नेतृत्व दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस की निदेशक प्रोफेसर रजनी अब्बी कर रही हैं। समिति में एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक और शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
यह मामला संस्थान के छात्रावास में घटित हुआ, जहां बिहार के भागलपुर निवासी प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार का शव उसके हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया था। मृतक छात्र ने अगस्त माह में ही संस्थान में दाखिला लिया था और घटना के समय मिड-सेमेस्टर की परीक्षाएं चल रही थीं। कमरे का दरवाजा भीतर से बंद होने पर सहपाठियों ने दरवाजा तोड़ा और छात्र को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद संस्थान परिसर में छात्रों ने प्रशासनिक लापरवाही और बुनियादी सुविधाओं के अभाव का आरोप लगाते हुए भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शिक्षा मंत्रालय द्वारा गठित यह समिति छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों, परिसर में सुरक्षा मानकों, मेडिकल व हॉस्टल सुविधाओं और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य परामर्श (काउंसलिंग) की व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच करेगी। इसके साथ ही समिति छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए मौजूद तंत्र की प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन करेगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक सिफारिशें सौंपेगी। शिक्षा मंत्रालय ने संस्थान के सुचारू संचालन और विद्यार्थियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।
