छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 12,489 शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन और आरक्षण रोस्टर किया निरस्त
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 12,489 शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन और आरक्षण रोस्टर किया निरस्त
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य में 12,489 शिक्षकों की भर्ती के लिए जारी विज्ञापन और उससे जुड़े आरक्षण रोस्टर को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 60 प्रतिशत से अधिक आरक्षण प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। हालांकि, अदालत ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया स्वतः निरस्त नहीं होगी और वर्तमान में चयनित होकर पदस्थ शिक्षकों को तत्काल पद से नहीं हटाया जाएगा।
यह मामला राज्य शासन द्वारा 4 मई 2023 को छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के माध्यम से विज्ञापित सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता के 12,489 पदों की भर्ती से संबंधित है। भर्ती विज्ञापन में सरगुजा और बस्तर संभाग सहित कई जिलों के लिए रोस्टर तय किया गया था, जिसमें आरक्षण का कुल प्रतिशत 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक था। अभ्यर्थियों द्वारा इस रोस्टर और भर्ती नियमों को असंवैधानिक बताते हुए हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं।
अदालत के निर्देशानुसार, वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों की नियुक्तियां और भविष्य में होने वाली पदोन्नतियां इस विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामले के अंतिम आदेश के अधीन रहेंगी। इस निर्णय से राज्य में पहले से कार्यरत शिक्षकों को तात्कालिक राहत मिली है, लेकिन उनके सेवा भविष्य को लेकर स्थिति सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर रहेगी। वहीं, राज्य शासन को रोस्टर और भर्ती नियमों में विधिक सुधार करने के संकेत मिले हैं।
