भोपाल की अदालत ने पत्नी और साली के दोहरे हत्याकांड में बर्खास्त एएसआई योगेश मरावी को सुनाई दोहरी उम्रकैद की सजा

0
भोपाल की अदालत ने पत्नी और साली के दोहरे हत्याकांड में बर्खास्त एएसआई योगेश मरावी को सुनाई दोहरी उम्रकैद की सजा - AI Featured Image

भोपाल की अदालत ने पत्नी और साली के दोहरे हत्याकांड में बर्खास्त एएसआई योगेश मरावी को सुनाई दोहरी उम्रकैद की सजा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित जिला एवं सत्र अदालत ने अपनी पत्नी और साली की नृशंस हत्या करने के चर्चित मामले में बर्खास्त सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) योगेश मरावी को दोषी करार देते हुए दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पेश किए गए पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अभियोजन पक्ष के तर्कों के आधार पर इस जघन्य वारदात के लिए दोषी को सजा मुकर्रर की।

यह खौफनाक वारदात 3 दिसंबर 2024 को भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र स्थित सुभाष नगर के सिमी अपार्टमेंट में घटित हुई थी। आरोपी योगेश मरावी, जो उस समय मंडला जिले के मवई थाने में एएसआई के पद पर पदस्थ था, मंडला से किराए की गाड़ी लेकर भोपाल पहुंचा था। उसने फ्लैट में घुसकर अपनी 35 वर्षीय पत्नी विनीता और खादी ग्रामोद्योग विभाग में वित्त लेखाधिकारी के पद पर पदस्थ 30 वर्षीय साली मेघा उइके पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए थे। जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने मेघा पर 56 वार और विनीता पर 16 वार किए थे, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, आरोपी योगेश और उसकी पत्नी विनीता के बीच लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा था और दोनों के बीच तलाक का मामला विचाराधीन था। विनीता अपनी बहन मेघा के साथ भोपाल में किराए के फ्लैट में रह रही थी। घटना वाले दिन दोनों के बीच तलाक के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होने की प्रक्रिया तय थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे उसी दिन शाम को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में विभाग द्वारा विभागीय जांच के उपरांत उसे सेवा से बर्खास्त भी कर दिया गया था।

अदालत में विशेष लोक अभियोजक द्वारा मजबूती से पक्ष रखा गया और दोनों हत्याओं के अकाट्य प्रमाण प्रस्तुत किए गए। अदालत ने इस अपराध को गंभीर मानते हुए दोषी को दोहरे उम्रकैद की सजा सुनाई। खाकी वर्दी में तैनात रहे एक पुलिसकर्मी द्वारा किए गए इस नृशंस अपराध पर दो साल से भी कम समय में आए इस अदालती फैसले ने महिलाओं के खिलाफ होने वाली घरेलू हिंसा और जघन्य अपराधों के मामलों में त्वरित न्याय व्यवस्था और कानून के सख्त रुख को रेखांकित किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed