बॉम्बे हाई कोर्ट का अहम आदेश: महाराष्ट्र भर में सार्वजनिक सड़कों पर साल भर पटाखे फोड़ने पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध
बॉम्बे हाई कोर्ट का अहम आदेश: महाराष्ट्र भर में सार्वजनिक सड़कों पर साल भर पटाखे फोड़ने पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध
बॉम्बे हाई कोर्ट ने वायु और ध्वनि प्रदूषण पर कड़ा रुख अपनाते हुए महाराष्ट्र भर में सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे फोड़ने पर साल भर के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि सड़कों पर आतिशबाजी पर रोक का यह नियम किसी एक पर्व या अवसर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राज्य में साल भर और सभी उत्सवों पर समान रूप से प्रभावी होगा।
अदालत मुंबई और राज्य के अन्य शहरों में धार्मिक एवं सार्वजनिक जुलूसों के दौरान होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण को लेकर स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इससे पूर्व गणेशोत्सव के दौरान सड़कों पर पटाखे जलाने पर पाबंदी लगाई गई थी। आगामी त्योहारों के मद्देनजर स्थिति की समीक्षा करते हुए खंडपीठ ने इस व्यवस्था को स्थाई रूप से पूरे वर्ष के लिए लागू कर दिया।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आतिशबाजी से फैलने वाला जहरीला धुआं और प्रदूषण सभी नागरिकों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के स्वास्थ्य पर अत्यंत प्रतिकूल प्रभाव डालता है। पीठ ने रेखांकित किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य और संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि है; उत्सव अवश्य मनाए जाने चाहिए, लेकिन आम जनता के स्वास्थ्य और शांति की कीमत पर नहीं।
हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि सार्वजनिक मार्गों पर इस प्रतिबंध और ध्वनि स्तर (डेसिबल लिमिट) के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस आदेश का सीधा प्रभाव राज्यभर के सार्वजनिक आयोजनों, शोभायात्राओं और आगामी त्योहारों पर पड़ेगा, जिससे सड़कों पर अनियंत्रित आतिशबाजी पर रोक लगेगी और आम नागरिकों को प्रदूषण व जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
