जॉर्डन के करक प्रांत में चर्च पर भीषण हमला, अंतिम संस्कार के दौरान गोलीबारी में कम से कम 7 लोगों की मौत और दर्जनों घायल
जॉर्डन के करक प्रांत में चर्च पर भीषण हमला, अंतिम संस्कार के दौरान गोलीबारी में कम से कम 7 लोगों की मौत और दर्जनों घायल
जॉर्डन के दक्षिणी करक प्रांत स्थित हमूद गांव में 23 अक्टूबर 2026 को एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। यह हमला उस समय हुआ जब चर्च में एक अंतिम संस्कार की प्रार्थना सभा चल रही थी और परिसर में 100 से अधिक लोग उपस्थित थे। सरकारी और सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और 34 से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें से कई की हालत गंभीर है।
घटना के फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात हथियारबंद हमलावर वाहन से चर्च के बाहर पहुंचे और मुख्य द्वार से अंदर की ओर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। सुरक्षा अधिकारियों ने इसे एक आतंकवादी हमला करार दिया है और हमलावरों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है। किसी भी संगठन ने तत्काल इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, हालांकि आंतरिक मंत्रालय ने इसे चरमपंथी विचारधारा से प्रेरित हमला बताया है।
हमले के बाद जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रधानमंत्री जफर हसन ने मारे गए लोगों के सम्मान में देश भर में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है, जिसके तहत सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। संयुक्त राष्ट्र और कई पड़ोसी देशों ने भी धार्मिक स्थल पर नागरिकों को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की है।
जॉर्डन में ईसाई समुदाय एक अल्पसंख्यक आबादी है और देश में धार्मिक स्थलों पर इस प्रकार के हिंसक हमले अत्यंत दुर्लभ माने जाते हैं। इस घटना के बाद राजधानी अम्मान और अन्य शहरों में चर्चों, सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील इमारतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जिससे आम नागरिकों और धार्मिक समुदायों के बीच सतर्कता बढ़ा दी गई है।
