उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने नए यालू रिवर ब्रिज के जरिए किया चीन का दौरा, द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार को बढ़ाने पर जोर

0
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने नए यालू रिवर ब्रिज के जरिए किया चीन का दौरा, द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार को बढ़ाने पर जोर - AI Featured Image

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने नए यालू रिवर ब्रिज के जरिए किया चीन का दौरा, द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार को बढ़ाने पर जोर

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को चीन के सीमावर्ती शहर डैनडोंग का दौरा किया। किम जोंग उन उत्तर कोरिया के सिनुइजू शहर से चीन के डैनडोंग को जोड़ने वाले 'न्यू यालू रिवर ब्रिज' (नई यालू नदी पुल) के माध्यम से सड़क मार्ग द्वारा चीन पहुंचे। एक वर्ष से अधिक समय के अंतराल के बाद किम जोंग उन की यह पहली ज्ञात विदेश यात्रा है। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को नई गति देने के एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

डैनडोंग पहुंचने पर किम जोंग उन का स्वागत चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के वरिष्ठ सदस्य वांग हुनिंग ने किया। दोनों नेताओं ने एक स्थानीय ऑटोमोबाइल विनिर्माण संयंत्र का संयुक्त दौरा किया और 1950 के कोरियाई युद्ध में भाग लेने वाले चीनी सैनिकों के स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। बातचीत के दौरान किम जोंग उन ने पारंपरिक मित्रता को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने की प्रतिबद्धता जताई, ताकि दोनों देशों की जनता को ठोस लाभ मिल सके।

यह यात्रा 1950 के कोरियाई युद्ध में चीनी सेना के प्रवेश की वर्षगांठ (25 अक्टूबर) की पूर्व संध्या पर संपन्न हुई है। लगभग 3 किलोमीटर लंबा और चार लेन वाला न्यू यालू रिवर ब्रिज वर्ष 2014 में ही बनकर तैयार हो गया था, लेकिन उत्तर कोरियाई हिस्से में बुनियादी ढांचे और कस्टम सुविधाओं में देरी के कारण यह लंबे समय तक शुरू नहीं हो सका था। लगभग 12 वर्षों के इंतजार के बाद इसी महीने 15 अक्टूबर को इसे आधिकारिक रूप से यातायात के लिए खोला गया।

इस बुनियादी ढांचे के संचालन और शीर्ष स्तर के दौरे से दोनों देशों के बीच सीमावर्ती व्यापार को बड़ा सहारा मिलने की संभावना है। यह नया पुल दोनों देशों के बीच भारी मशीनरी, कच्चे माल, ऊर्जा उत्पादों और कंटेनर कार्गो के चौबीसों घंटे सुगम परिवहन को सक्षम बनाएगा। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बेहतर होने तथा आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed