न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल ने सेंट्रल पार्क में घोड़ा-गाड़ी पर रोक लगाने वाला ऐतिहासिक ‘रोमांच कानून’ पारित किया

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न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल ने सेंट्रल पार्क में घोड़ा-गाड़ी पर रोक लगाने वाला ऐतिहासिक 'रोमांच कानून' पारित किया - AI Featured Image

न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल ने सेंट्रल पार्क में घोड़ा-गाड़ी पर रोक लगाने वाला ऐतिहासिक 'रोमांच कानून' पारित किया

न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल ने 22 अक्टूबर 2026 को एक बड़ा फैसला लेते हुए शहर के मशहूर सेंट्रल पार्क में 150 से अधिक वर्षों से चल रही घोड़ा-गाड़ी (हॉर्स-ड्रॉन कैरिज) सेवा को समाप्त करने के लिए 'रोमांच कानून' (Romanch's Law) पारित किया. काउंसिल में यह विधेयक 40 के मुकाबले 7 मतों के स्पष्ट बहुमत से पास हुआ, जिसके तहत 1 जून 2028 तक शहर की सड़कों और सेंट्रल पार्क से घोड़ा-गाड़ी का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा.

इस कानून का नाम 18 वर्षीय पर्यटक रोमांच महाजन की स्मृति में रखा गया है, जिनकी जून 2026 में सेंट्रल पार्क में एक बेकाबू घोड़ा-गाड़ी दुर्घटना के दौरान जान चली गई थी. इस हादसे के बाद शहर में पर्यटकों की सुरक्षा, पार्क में बढ़ती भीड़ और गर्मी के दौरान घोड़ों के साथ अमानवीय व्यवहार को लेकर दशकों से उठ रही माँगें तेज हो गई थीं. काउंसिल स्पीकर जूली मेनिन और काउंसिल सदस्य क्रिस्टोफर मार्टे द्वारा समर्थित इस विधेयक पर मेयर जोहरान ममदानी के प्रशासन ने भी सहमति जताई है और मेयर कार्यालय ने इस पर हस्ताक्षर करने की पुष्टि की है.

कानून के प्रावधानों के अनुसार, नए घोड़ा-गाड़ी लाइसेंस जारी करने पर तुरंत रोक लगा दी जाएगी. वहीं इस क्षेत्र से जुड़े 150 से अधिक वर्तमान चालकों और छोटे व्यवसायियों को सहारा देने के लिए नगर प्रशासन को अप्रैल 2027 तक एक व्यापक कार्यबल संक्रमण योजना (वर्कफोर्स ट्रांजिशन प्लान) तैयार करने का निर्देश दिया गया है. इसके तहत प्रभावित कामगारों को परिवहन, हॉस्पिटैलिटी या टैक्सी उद्योग में रोजगार के विकल्प, करियर काउंसलिंग और संभावित वित्तीय मुआवजे पर विचार किया जाएगा. साथ ही, सेवा से हटाए जाने वाले घोड़ों के सुरक्षित और मानवीय पुनर्वास की गारंटी दी गई है.

इस फैसले का जहाँ पशु कल्याण संगठनों ने स्वागत किया है, वहीं घोड़ा-गाड़ी चालकों और ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन (टीडब्ल्यूयू) ने इसका तीव्र विरोध किया है. यूनियन और चालकों ने न्यूयॉर्क सिटी हॉल के बाहर प्रदर्शन करते हुए कहा कि ठोस रोजगार सुरक्षा के बिना उनकी आजीविका छीनी जा रही है और उन्होंने इस नए कानून को अदालत में चुनौती देने की चेतावनी दी है.

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