दुर्गा पूजा पास अनियमितता मामला: प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ के बाद पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन गिरफ्तार
दुर्गा पूजा पास अनियमितता मामला: प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ के बाद पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता इंद्रनील सेन को बुधवार शाम कोलकाता पुलिस ने दुर्गा पूजा 'प्रिव्यू शो' और वीआईपी प्रवेश पास से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय से बाहर निकलते ही की गई, जहाँ केंद्रीय जांच एजेंसी ने उनसे करीब चार घंटे तक धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत पूछताछ की थी। ईडी कार्यालय के बाहर पहले से मौजूद कोलकाता पुलिस की जासूसी शाखा (डिटेक्टिव डिपार्टमेंट) की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया और आगे की कार्रवाई के लिए लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय ले गई।
यह मामला मुख्य रूप से 'मास आर्ट सोसाइटी' (MassArt Society) नामक संस्था द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा प्रिव्यू शो और विशेष प्रवेश पासों की बिक्री से जुड़ा है। इस संस्था से इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी जुड़े बताए जाते हैं। जांच एजेंसियों और शिकायत के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 के दौरान यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत की मान्यता की आड़ में लगभग 24 प्रमुख पूजा पंडालों में दर्शन के लिए भारी कीमत पर पास और टिकट बेचे गए, जिससे आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पाबंदी के आरोप लगे। इस मामले में करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी और बिना आधिकारिक अनुमति के यूनेस्को के प्रतीक चिह्न के दुरुपयोग का आरोप है।
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत कोलकाता के बहूबाजार थाने में दर्ज एक ट्रैवल कंसल्टेंट की शिकायत के आधार पर हुई थी, जिसके बाद वित्तीय लेन-देन के पहलुओं की जांच शुरू की गई। इससे पूर्व कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इंद्रनील सेन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिससे उनकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हुआ। जांच एजेंसियों ने इस मामले में सितंबर माह में उनके और उनके सहयोगियों से जुड़े 15 ठिकानों पर तलाशी भी ली थी। आरोपी पक्ष ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है।
इस गिरफ्तारी के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि यह कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की गई है और कानून अपना काम करेगा। वहीं, तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित कार्रवाई करार देते हुए केंद्रीय एजेंसियों और तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। गिरफ्तार पूर्व मंत्री को अब स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
