दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली जमानत, सजा निलंबित
दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली जमानत, सजा निलंबित
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 29 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे एवं पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को दोहरे स्थायी खाता संख्या (पैन) कार्ड मामले में बड़ी राहत दी है। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने दोनों नेताओं की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए निचली अदालत द्वारा दी गई सात साल की सजा को निलंबित करने का आदेश पारित किया। हालांकि, अदालत ने उनकी दोषसिद्धि (कन्विक्शन) पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
यह मामला अब्दुल्ला आजम खान के नाम पर अलग-अलग जन्मतिथियों वाले दो फर्जी पैन कार्ड बनवाने और उनके अनुचित उपयोग के आरोपों से जुड़ा है। रामपुर के भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद रामपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत (एसीजेएम कोर्ट) ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए आजम खान और उनके पुत्र को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत दोषी ठहराया था और अधिकतम सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी।
निचली अदालत के फैसले को दोनों नेताओं ने आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं के जरिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 15 अक्टूबर 2026 को सभी पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद उच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है।
इस न्यायिक आदेश से आजम खान और अब्दुल्ला आजम के लिए इस मामले में जेल से बाहर आने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, बशर्ते वे किसी अन्य मामले में निरुद्ध न हों। वहीं, अदालत द्वारा दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार किए जाने के कारण जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत अब्दुल्ला आजम और आजम खान की चुनावी अयोग्यता फिलहाल जारी रहेगी, जिससे वे तत्काल प्रभाव से चुनाव लड़ने के पात्र नहीं होंगे।
