नदिया में वन्यजीव तस्करी की कोशिश नाकाम: कल्याणी पुलिस ने दुर्लभ स्लो लोरिस को कराया मुक्त, दो व्यक्ति गिरफ्तार

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नदिया में वन्यजीव तस्करी की कोशिश नाकाम: कल्याणी पुलिस ने दुर्लभ स्लो लोरिस को कराया मुक्त, दो व्यक्ति गिरफ्तार - AI Featured Image

नदिया में वन्यजीव तस्करी की कोशिश नाकाम: कल्याणी पुलिस ने दुर्लभ स्लो लोरिस को कराया मुक्त, दो व्यक्ति गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में कल्याणी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए वन्यजीव तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया। पुलिस टीम ने अभियान चलाकर अवैध तस्करी के लिए ले जाए जा रहे एक दुर्लभ 'स्लो लोरिस' (बंगाल स्लो लोरिस) को सुरक्षित बरामद कर लिया और इस सिलसिले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 27 अक्टूबर को की गई, जब पुलिस को सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति एक संरक्षित वन्यजीव को ले जाने की फिराक में हैं। पुलिस ने निगरानी बढ़ाते हुए मोटरसाइकिल पर जा रहे दो संदिग्धों को रोका। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुजॉय दास और इंद्रजीत मुखर्जी के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी उक्त वन्यजीव को रखने या उसके परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रशासनिक और वन अधिकारियों ने बताया कि बंगाल स्लो लोरिस (Nycticebus bengalensis) मुख्यतः रात के समय सक्रिय रहने वाला एक शर्मीला वृक्षीय प्राइमेट है, जो अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट में संकटापन्न (Endangered) श्रेणी में वर्गीकृत है। यह प्रजाति अपने अनूठे रूप-रंग के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध पालतू व्यापार, शिकार और जंगलों के घटने से भारी खतरे का सामना कर रही है। प्राइमेट्स में यह एक दुर्लभ रक्षा प्रणाली रखता है, जिसमें इसकी कोहनी के पास की ग्रंथियों का स्राव लार के साथ मिलकर एक विषैला प्रभाव उत्पन्न करता है, जिससे इसका अनियंत्रित या गैर-पेशेवर तरीके से रखरखाव मानव स्वास्थ्य के लिए भी घातक हो सकता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस जीव को कहाँ से लाया गया था और इस अवैध आपूर्ति नेटवर्क के पीछे कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं।

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