पश्चिम बर्दवान में कोयला खदान की लिफ्ट खराब होने से 50 मीटर नीचे फंसे सभी खनिक 12 घंटे बाद सुरक्षित निकाले गए

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पश्चिम बर्दवान में कोयला खदान की लिफ्ट खराब होने से 50 मीटर नीचे फंसे सभी खनिक 12 घंटे बाद सुरक्षित निकाले गए - AI Featured Image

पश्चिम बर्दवान में कोयला खदान की लिफ्ट खराब होने से 50 मीटर नीचे फंसे सभी खनिक 12 घंटे बाद सुरक्षित निकाले गए

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले में स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की कुमारडीही 'ए' भूमिगत कोयला खदान में लिफ्टिंग सिस्टम खराब होने से फंसे सभी खनिकों को लगभग 12 घंटे चले बचाव अभियान के बाद मंगलवार सुबह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह घटना सोमवार शाम करीब 6:30 बजे पांडवेश्वर इलाके के पिट नंबर 4 में हुई, जब जमीन से नीचे जाने वाली लिफ्ट प्रणाली के पुली ड्रम से स्टील की रस्सी फिसल गई और वाइंडिंग इंजन में तकनीकी खराबी आ गई।

तकनीकी खराबी के कारण खदान में काम करने जा रहे मजदूर जमीन से लगभग 50 मीटर (करीब 150 से 200 फीट) की गहराई पर दो लिफ्ट केजों में फंस गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही खदान प्रबंधन और बचाव दल ने फौरन राहत अभियान शुरू किया। बचाव अभियान के दौरान फंसे हुए खनिकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा गया और वैकल्पिक माध्यमों से उन तक ताजी हवा, पीने का पानी और खाद्य सामग्री पहुंचाई गई, जिससे सभी मजदूर सुरक्षित रहे।

इंजीनियरों और तकनीकी टीमों द्वारा वाइंडिंग इंजन और पुली तंत्र की मरम्मत पूरी करने के बाद मंगलवार सुबह लगभग 5:45 बजे लिफ्ट को दोबारा चालू किया गया और सभी फंसे कर्मियों को एक-एक कर बाहर निकाल लिया गया। बाहर निकाले जाने के बाद सभी मजदूरों की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें से एक खनिक को सांस लेने में हल्की तकलीफ होने के कारण एहतियातन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य सभी मजदूर पूरी तरह स्वस्थ पाए गए।

इस घटना के बाद खदान कर्मियों और उनके परिवारों में कुछ समय के लिए भारी चिंता फैल गई थी। श्रमिक संगठनों ने खदानों में लिफ्ट और वाइंडिंग इंजनों के नियमित रखरखाव और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। वहीं प्रबंधन ने इंजन रूम के पुली ड्रम में आई खराबी के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक जांच समिति गठित की है।

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