जालौन में गुलाब जल की आड़ में चल रही अवैध ड्रग्स लैब का भंडाफोड़, 300 करोड़ रुपये की मेफेड्रोन और केमिकल जब्त
जालौन में गुलाब जल की आड़ में चल रही अवैध ड्रग्स लैब का भंडाफोड़, 300 करोड़ रुपये की मेफेड्रोन और केमिकल जब्त
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और यूपी आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) के एक संयुक्त अभियान में अवैध सिंथेटिक ड्रग्स (मेफेड्रोन) बनाने वाली एक गुप्त प्रयोगशाला का पर्दाफाश किया गया है। यह अवैध यूनिट उरई तहसील क्षेत्र के ग्राम ऐरी रामपुरा में खेतों के बीच स्थित एक टिन शेड में संचालित की जा रही थी। एजेंसी की छापेमारी के दौरान मौके से लगभग 1,102.88 किलोग्राम नशीले पदार्थ, अर्ध-निर्मित ड्रग्स और प्रीकर्सर केमिकल सहित निर्माण उपकरण बरामद किए गए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 300 करोड़ रुपये बताई गई है।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने मौके और संबंधित परिसरों से 15.44 किलोग्राम तैयार मेफेड्रोन, करीब 184 किलोग्राम अर्ध-निर्मित नशीला पदार्थ और 900 किलोग्राम से अधिक कच्चा केमिकल व प्रोसेसिंग मशीनें जब्त कीं। इस पूरे नेटवर्क के सिलसिले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान सांगली (महाराष्ट्र) निवासी संतोष कुमार (37) और जालौन निवासी हेमेंद्र कुशवाहा (28) के रूप में हुई है।
शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपियों ने इस अवैध धंधे को छिपाने के लिए गुलाब जल तैयार करने का मुखौटा तैयार कर रखा था। आसपास के ग्रामीणों को भ्रमित रखने के लिए स्थानीय स्तर पर गुलाब के फूल मंगाए जाते थे और मामूली मात्रा में गुलाब जल निकाला जाता था, ताकि वहां आने वाले रसायनों और गतिविधियों पर किसी को संदेह न हो। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों की मुलाकात पहले मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद रहने के दौरान हुई थी। एनडीपीएस अधिनियम के तहत पूर्व में आरोपी रह चुका संतोष ड्रग निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया संभाल रहा था, जबकि स्थानीय व्यवस्था हेमेंद्र द्वारा की जा रही थी।
ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार की गुप्त और उच्च तकनीक वाली ड्रग फैक्ट्री का पकड़ा जाना स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों के फैलाव और बड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के प्रभाव को उजागर करता है। एजेंसियों ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस कानून के तहत मामला दर्ज कर नेटवर्क से जुड़े अन्य संपर्कों, कच्चा माल पहुंचाने वालों और सप्लाई चेन की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
