नादिया में साइबर धोखाधड़ी के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ खोलने के आरोप में बैंक उप प्रबंधक सहित 8 कर्मचारी गिरफ्तार
नादिया में साइबर धोखाधड़ी के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ खोलने के आरोप में बैंक उप प्रबंधक सहित 8 कर्मचारी गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी की अवैध कमाई को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से फर्जी या 'म्यूल' बैंक खाते खोलने के आरोप में बंधन बैंक के एक उप प्रबंधक (डिप्टी मैनेजर) और सात अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। तेहट्टा पुलिस ने न्यू टाउन साइबर क्राइम विंग से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर तेहट्टा अनुमंडल के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर 28 अक्टूबर को इन सभी आरोपियों को हिरासत में लिया। इसके बाद 29 अक्टूबर को आरोपियों को तेहट्टा अनुमंडल अदालत में पेश किया गया।
गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों की पहचान समरजीत प्रमाणिक, जयदेव दुर्लभ, तरुण विश्वास, प्रदीप सरकार, पलाश मोंडल, देवाशीष दलाल, विष्णुदेव मोंडल और दयामय रॉय के रूप में हुई है। कृष्णनगर पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक अतुल वी. के अनुसार, जांच के दौरान कई संदिग्ध बैंक खातों के रिकॉर्ड खंगाले गए थे। जांच में सामने आया कि कुछ कर्मचारियों ने अपने स्तर पर 15 से 16 ऐसे संदिग्ध खाते खोले थे, जिनका उपयोग साइबर अपराध से जुड़े पैसों के लेन-देन में किया जा रहा था।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने साइबर ठगी से जुटाए गए धन के मूल स्रोत को छिपाने और मनी लॉन्ड्रिंग की सुविधा देने के लिए एक बैंक खाते से दूसरे खाते में रकम घुमाने की योजना बनाई थी। इसके बदले में संबंधित कर्मचारियों को दो से तीन प्रतिशत कमीशन मिलने का प्रलोभन दिया गया था। जांच अधिकारी अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे सक्रिय बड़े साइबर गिरोह और इन खातों के जरिए ट्रांसफर की गई कुल अवैध राशि का पता लगाने में जुटे हैं।
यह मामला बैंकिंग सुरक्षा प्रणाली और खाता खोलते समय होने वाली अनिवार्य 'केवाईसी' (KYC) सत्यापन प्रक्रिया में आंतरिक कर्मचारियों की मिलीभगत से जुड़ी गंभीर कमियों को उजागर करता है। पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों को अपने पहचान पत्रों के दुरुपयोग और बैंक कर्मचारियों द्वारा अनाधिकृत खाते खोले जाने को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है।
