पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा से पहले डेंगू के मामलों में उछाल, 14 ग्राम पंचायतें और 8 शहरी निकाय हॉटस्पॉट घोषित
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा से पहले डेंगू के मामलों में उछाल, 14 ग्राम पंचायतें और 8 शहरी निकाय हॉटस्पॉट घोषित
**मामलों में अचानक वृद्धि और प्रशासनिक सतर्कता**
पश्चिम बंगाल के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पिछले एक महीने के दौरान डेंगू के मामलों में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है। आगामी दुर्गा पूजा उत्सव को देखते हुए इस उछाल ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय नागरिक प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। त्योहार के समय बाजारों और पंडालों में जुटने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर संक्रमण के व्यापक प्रसार को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को अत्यधिक सक्रिय कर दिया गया है।
**पहचाने गए ग्रामीण हॉटस्पॉट और प्रभावित जिले**
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संक्रमण के केंद्रित प्रसार को देखते हुए राज्यभर में 14 ग्राम पंचायतों को डेंगू हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। चिह्नित 14 ग्राम पंचायतों में सबसे अधिक पंचायतें मुर्शिदाबाद जिले की हैं। इसके अतिरिक्त दक्षिण 24 परगना, नदिया, जलपाईगुड़ी, बीरभूम और हुगली जिलों की चुनिंदा ग्राम पंचायतों में भी मामलों में तेज उछाल देखा गया है, जिसके कारण इन ग्रामीण क्षेत्रों को उच्च जोखिम वाले दायरे में रखा गया है।
**शहरी निकायों और नगर निगमों की स्थिति**
ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी संक्रमण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के आठ शहरी नागरिक निकायों को हॉटस्पॉट के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिनमें तीन प्रमुख नगर निगम और पांच नगरपालिकाएं शामिल हैं। नगर निगमों में कोलकाता नगर निगम, उत्तर 24 परगना स्थित बिधाननगर नगर निगम और हावड़ा नगर निगम शामिल हैं। वार्ड-स्तरीय विश्लेषण के अनुसार, कोलकाता नगर निगम के 6 वार्डों, बिधाननगर नगर निगम के 4 वार्डों तथा हावड़ा नगर निगम के 3 वार्डों में पिछले एक महीने में नए डेंगू मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
**पृष्ठभूमि और मौसमी कारण**
मानसून की वर्षा के उपरांत कई आवासीय और निर्माण स्थलों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है। स्थिर पानी, उच्च आर्द्रता और तापमान में उतार-चढ़ाव ने एडीज मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। इसके चलते सितंबर और अक्टूबर के दौरान मामलों की दर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
**प्रशासनिक उपाय और रोकथाम की प्रक्रिया**
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निकायों द्वारा लक्षित क्षेत्रों में सघन वेक्टर-कंट्रोल अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
– हॉटस्पॉट घोषित वार्डों और पंचायतों में नियमित फॉगिंग और नालियों व जलभराव वाले स्थलों पर एंटी-लार्वा रसायनों का छिड़काव।
– आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से घर-घर जाकर बुखार के संदिग्ध मामलों की ट्रैकिंग।
– सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में डेंगू परीक्षण (एलाइजा और रैपिड टेस्ट) की गति बढ़ाना और रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराना।
– अस्पतालों में आवश्यक प्लेटलेट्स, अंतःशिरा तरल पदार्थ (IV fluids) और बिस्तरों की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखना।
**आम जनता के लिए दिशा-निर्देश और बचाव के उपाय**
त्योहार के दौरान संक्रमण से बचाव के लिए नागरिकों को व्यक्तिगत स्तर पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार:
– घरों की छतों, कूलरों, गमलों, बाल्टियों और पुराने टायरों में तीन दिन से अधिक समय तक पानी जमा न रहने दें।
– दिन और शाम के समय मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम का प्रयोग करें।
– सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
– तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द या जोड़ों में जकड़न जैसे लक्षण दिखने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर रक्त परीक्षण कराएं।


