यूपी के 3.82 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को राहत: दोहरी जांच के बाद जारी होंगे बिल, नवंबर में दरों में भी 9.17% की कटौती
यूपी के 3.82 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को राहत: दोहरी जांच के बाद जारी होंगे बिल, नवंबर में दरों में भी 9.17% की कटौती
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने राज्य के करीब 3.82 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को गलत बिलिंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत 1 नवंबर 2026 से उपभोक्ताओं को बिजली बिल भेजने से पहले उसकी दो चरणों में जांच (दोहरी जांच) की जाएगी। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया में होने वाली मानवीय व तकनीकी गड़बड़ियों पर पूरी तरह अंकुश लगाना है।
इसके साथ ही त्योहारी सीजन में पावर कॉरपोरेशन ने मासिक बिजली बिलों पर लगने वाले ईंधन व बिजली खरीद समायोजन अधिभार (एफपीएएएस) के आधिकारिक आंकड़े भी जारी किए हैं। इसके तहत नवंबर महीने के बिजली बिलों में 9.17 प्रतिशत तक की कमी दर्ज होगी। पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के अनुसार, राज्य के उपभोक्ताओं को नकारात्मक अधिभार के रूप में यह लगातार पांचवें महीने राहत मिलने जा रही है।
गौरतलब है कि प्रदेश भर में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से उपभोक्ताओं को हर महीने अत्यधिक, गलत या अनाप-शनाप बिल आने की शिकायतें मिलती रही हैं। उपभोक्ताओं को इन गड़बड़ियों को दुरुस्त कराने के लिए विभागीय कार्यालयों और उपकेंद्रों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे। नई प्रणाली के लागू होने से बिल जारी होने से पहले ही विसंगतियों को पकड़कर ठीक कर लिया जाएगा।
इस कदम से प्रदेश के घरेलू, ग्रामीण, व्यावसायिक और औद्योगिक सहित सभी श्रेणियों के करोड़ों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुंचेगा। जहां एक ओर दोहरे सत्यापन से बिजली विभाग और उपभोक्ताओं के बीच बिल विवादों और शिकायतों में कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर ईंधन अधिभार में कटौती से जनता पर आर्थिक बोझ भी घटेगा।
