बिहार में ₹7,527 करोड़ की लागत से बनेंगी दो नई फोर-लेन सड़कें: नेपाल सीमा और पूर्णिया तक कनेक्टिविटी होगी मजबूत
बिहार में ₹7,527 करोड़ की लागत से बनेंगी दो नई फोर-लेन सड़कें: नेपाल सीमा और पूर्णिया तक कनेक्टिविटी होगी मजबूत
बिहार में सड़क बुनियादी ढाँचे और अंतर-क्षेत्रीय आवागमन को गति देने के लिए 226 किलोमीटर लंबी दो नई फोर-लेन राजमार्ग परियोजनाओं की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल ₹7,527 करोड़ का अनुमानित निवेश किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर बिहार के सीमांचल क्षेत्र तथा भारत-नेपाल सीमा तक निर्बाध, तीव्र और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
**परियोजनाओं की रूपरेखा और लागत**
प्रस्तावित निर्माण कार्य को दो प्रमुख खंडों में विभाजित किया गया है
1. **मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोर-लेन राजमार्ग:** लगभग 83 किलोमीटर लंबे इस राजमार्ग के निर्माण पर ₹3,591 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। यह मार्ग मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी होते हुए नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा तक जाएगा, जिससे सीमावर्ती व्यापार और स्थानीय आवागमन को सीधा लाभ मिलेगा।
2. **खगड़िया-पूर्णिया फोर-लेन राजमार्ग:** लगभग 144 किलोमीटर लंबे इस राजमार्ग के उन्नयन पर करीब ₹3,936 करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह मार्ग खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया जिलों को आपस में जोड़ेगा। शहर के भीतर भारी वाहनों के दबाव और जाम को कम करने के उद्देश्य से पूर्णिया में 6.7 किलोमीटर लंबा एक नया ग्रीनफील्ड बाईपास भी इस परियोजना के तहत बनाया जाएगा।
**वर्तमान स्थिति और निर्माण की आगे की प्रक्रिया**
दोनों परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। निर्माण कार्यों से संबंधित निविदाएं (टेंडर) जमा की जा चुकी हैं और अक्टूबर 2026 के दौरान निर्माण एजेंसियों का चयन पूरा होने की संभावना है। एजेंसी चयन के बाद तय समय-सीमा के भीतर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
**यात्रा समय और यातायात में सुधार**
राजमार्गों का निर्माण पूरा होने के बाद यात्रा के समय में भारी कमी आएगी
* खगड़िया से पूर्णिया के बीच की दूरी तय करने में वर्तमान में करीब 3.5 से 4 घंटे का समय लगता है, जो फोर-लेन बनने के बाद घटकर मात्र 1.5 से 2 घंटे रह जाएगा।
* मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी और नेपाल सीमा तक के सफर में लगने वाले समय और जाम की समस्या में भी व्यापक कमी आएगी।
* पूर्णिया बाईपास बनने से मुख्य शहर में प्रवेश किए बिना ही लंबी दूरी के वाहन सीधे निकल सकेंगे, जिससे स्थानीय यातायात सुगम होगा।
**कृषि, माल ढुलाई और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव**
यह राजमार्ग नेटवर्क केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की कृषि और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
* **कृषि उत्पादों का त्वरित परिवहन:** खगड़िया के केले और पूर्णिया व सीमांचल के मखाना उत्पादकों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक तेजी से पहुँचाने में मदद मिलेगी। फल और अन्य जल्द खराब होने वाले कृषि उत्पादों की बर्बादी रुकेगी तथा किसानों को समय पर उपज बेचने की सुविधा मिलेगी।
* **लॉजिस्टिक्स और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी:** खगड़िया-पूर्णिया राजमार्ग को 5 पीएम गति शक्ति नोड्स और 11 लॉजिस्टिक्स नोड्स से जोड़ा जाएगा। साथ ही डगरूआ के समीप यह मार्ग प्रस्तावित 6-लेन पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे लंबी दूरी की माल ढुलाई और अंतर-राज्यीय परिवहन को नया विकल्प मिलेगा।
