गुजरात सरकार ने वाहन खरीद नीति में किया संशोधन, फील्ड और ऑफ-रोड ड्यूटी के लिए जोड़ीं दो नई श्रेणियां
गुजरात सरकार ने वाहन खरीद नीति में किया संशोधन, फील्ड और ऑफ-रोड ड्यूटी के लिए जोड़ीं दो नई श्रेणियां
गुजरात सरकार ने प्रशासनिक विभागों की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने और जमीनी स्तर पर निगरानी कार्यों को सशक्त करने के उद्देश्य से अपनी आधिकारिक वाहन खरीद नीति में संशोधन किया है। 12 अक्टूबर 2026 को घोषित इस संशोधित नीति के तहत सरकारी बेड़े में वाहनों के चयन के लिए 'कैटेगरी-एफ' (Category-F) और 'कैटेगरी-एफ1' (Category-F1) नाम से दो नई श्रेणियां शामिल की गई हैं।
'कैटेगरी-एफ' को फील्ड इंस्पेक्शन और एनफोर्समेंट (निरीक्षण एवं प्रवर्तन) कार्यों के लिए निर्धारित किया गया है। इस श्रेणी में सरकारी स्तर पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को भी शामिल किया गया है, जिनमें महिंद्रा XUV400 और टाटा नेक्सन EV मॉडल शामिल हैं। इसके साथ ही महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन (4X4), महिंद्रा थार रॉक्स, महिंद्रा बोलेरो नियो, किआ कैरेंस, मारुति सुजुकी अर्टिगा और टोयोटा रुमियन जैसे पारंपरिक ईंधन वाहनों को भी फील्ड निरीक्षण के विकल्पों में रखा गया है।
वहीं दूसरी नई श्रेणी 'कैटेगरी-एफ1' को दुर्गम और पथरीले रास्तों पर ऑफ-रोड अभियानों के लिए बनाया गया है। यह श्रेणी गृह, वन एवं पर्यावरण, उद्योग एवं खान, जल संसाधन, राजस्व, बंदरगाह व परिवहन, तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास जैसे विभागों में कार्यरत अधिकारियों के लिए लागू की गई है। इसमें खराब और बीहड़ रास्तों पर आवाजाही के लिए टाटा योद्धा पिकअप, इसुजु वी-क्रॉस 4WD, महिंद्रा बोलेरो पिकअप 4WD और बोलेरो कैंपर जैसे वाहनों को मंजूरी दी गई है।
राज्य सरकार द्वारा इससे पहले अप्रैल 2023 में वाहन खरीद नीति तय की गई थी, जिसमें पदों और जिम्मेदारियों के आधार पर 'ए' से 'ई' तक श्रेणियां निर्धारित थीं। 2026 के इस संशोधन में स्पष्ट किया गया है कि वाहनों की खरीद के लिए गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के माध्यम से पारदर्शी खरीद प्रक्रिया के मौजूदा नियम पूर्ववत लागू रहेंगे। इस कदम से सरकारी बेड़े में पर्यावरण-अनुकूल वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ेगी और सुदूर ग्रामीण, वन तथा खनन क्षेत्रों में सरकारी निगरानी व कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों की गति तेज होगी।
