मतदाता सूची से छूटे पात्र नागरिकों को जोड़ने के लिए पश्चिम बंगाल के सभी 24 जिलों में शुरू हुआ विशेष अभियान
मतदाता सूची से छूटे पात्र नागरिकों को जोड़ने के लिए पश्चिम बंगाल के सभी 24 जिलों में शुरू हुआ विशेष अभियान
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने राज्य के सभी 24 जिलों में मतदाता सूची से छूटे हुए पात्र नागरिकों को शामिल करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल के अंतर्गत सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर और वोटर सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे 18 वर्ष से अधिक आयु के नए मतदाताओं और छूटे हुए अन्य पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा सकें।
यह प्रशासनिक कदम राज्य में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक विवाद और विरोध के बीच उठाया गया है। विपक्षी दलों, जिनमें तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस शामिल हैं, ने आरोप लगाया है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। विपक्ष ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे त्रुटिपूर्ण बताया। वहीं निर्वाचन प्राधिकारियों का कहना है कि स्थापित कानूनी नियमों के अनुसार काम किया जा रहा है और इस विशेष अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वैध मतदाता सूची से बाहर न रहे।
इस अभियान के तहत दार्जिलिंग सहित विभिन्न जिलों के स्थानीय प्रखंडों में जागरूकता और पंजीकरण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। आम नागरिकों, विशेषकर हाल ही में 18 वर्ष के हुए युवाओं और उन लोगों को, जिनके नाम पूर्व में छूट गए थे, इन शिविरों के माध्यम से अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और सत्यापन कराने का अवसर मिल रहा है।
