** अलास्का के वासिला में चुनावी रैली के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने दो मैकेनिकों को मंच पर दी पूर्ण माफी
** अलास्का के वासिला में चुनावी रैली के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने दो मैकेनिकों को मंच पर दी पूर्ण माफी
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अमेरिका के अलास्का राज्य स्थित वासिला (Wasilla) के कर्टिस डी. मेनार्ड मेमोरियल स्पोर्ट्स सेंटर में 13 अक्टूबर को आयोजित एक विशाल चुनावी रैली के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो स्थानीय डीजल मैकेनिकों को मंच पर बुलाकर सीधे राष्ट्रपति क्षमादान (पार्डन) पत्र पर हस्ताक्षर किए और उन्हें बिना शर्त माफी प्रदान की। इस सार्वजनिक और असामान्य कदम के तहत एंकरेज स्थित एक ऑटो वर्कशॉप के मालिक ज़ाचरी कज़ुबक (Zachary Czubak) और पैट्रिक फ्लेमिंग (Patrick Fleming) के आपराधिक रिकॉर्ड को पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया।
यह मामला पर्यावरण संबंधी संघीय कानून 'क्लीन एयर एक्ट' के उल्लंघन से जुड़ा हुआ था। वर्ष 2022 में इन दोनों व्यक्तियों और उनके एक अन्य साझेदार माइकल हांज़ुक पर संघीय जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि उनकी ऑटो शॉप ने कई डीजल वाहनों से अनिवार्य प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को हटाया और उत्सर्जन निगरानी उपकरणों से छेड़छाड़ की थी। इस मामले में तीनों ने साज़िश रचने का दोष स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद अदालत ने उन्हें पाँच वर्ष की परिवीक्षा (प्रोबेशन), सामुदायिक सेवा और प्रत्येक पर 66,000 डॉलर के जुर्माने की सजा सुनाई थी।
रैली के मंच से राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि इन मैकेनिकों पर संघीय अभियोजकों द्वारा गलत कार्रवाई की गई थी और दावा किया कि उन्हें केवल वाहनों के इंजन सुधारने के लिए अत्यधिक कड़ी सजा दी गई थी। ट्रंप ने अपने सहायक से क्षमादान पत्र मंगवाकर मंच पर ही हस्ताक्षर किए और दोनों को सौंप दिए। इस दौरान कज़ुबक ने मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा कि कानूनी मुकदमों के कारण उनके परिवारों और संबंधों पर गहरा असर पड़ा था और वे राहत महसूस कर रहे हैं। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले से जुड़े तीसरे व्यक्ति को भी पहले ही राहत दी जा चुकी है।
यह घटनाक्रम अलास्का में मध्यावधि चुनावी अभियान के तहत आयोजित जनसभा के दौरान घटा। इस रैली में राष्ट्रपति ट्रंप ने रिपब्लिकन सीनेटर डैन सुलिवन, अमेरिकी प्रतिनिधि निक बेगिच और गवर्नर पद की उम्मीदवार बर्नाडेट विल्सन के पक्ष में समर्थन जुटाने के साथ-साथ ऊर्जा नीतियों पर जोर दिया। आलोचकों और पर्यावरण समर्थकों का मानना है कि इस तरह के कदमों से वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण और स्वच्छ हवा से जुड़े कड़े नियमों के प्रवर्तन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जबकि स्थानीय समर्थकों ने इसे सरकारी नियमों के अत्यधिक हस्तक्षेप से मुक्ति के प्रतीक के रूप में देखा है।
