चीन की अदालत ने म्यांमार सीमा पर हिंसक साइबर स्कैम सिंडिकेट चलाने वाले तीन प्रमुख दोषियों को सुनाई मौत की सजा

0
चीन की अदालत ने म्यांमार सीमा पर हिंसक साइबर स्कैम सिंडिकेट चलाने वाले तीन प्रमुख दोषियों को सुनाई मौत की सजा - AI Featured Image

चीन की अदालत ने म्यांमार सीमा पर हिंसक साइबर स्कैम सिंडिकेट चलाने वाले तीन प्रमुख दोषियों को सुनाई मौत की सजा

चीन के क्वानझोउ स्थित इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने म्यांमार के कोकांग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हिंसक ऑनलाइन स्कैम केंद्र और आपराधिक नेटवर्क संचालित करने के मामले में एक गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को मौत की सजा सुनाई है। अदालत के फैसले के अनुसार, 'वेई परिवार आपराधिक सिंडिकेट' से जुड़े वेई हुआइरेन, चेन दावेई और लियाओ जिंगफांग को मौत की सजा दी गई है। इस गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को उम्रकैद तथा 55 अन्य दोषियों को तीन वर्ष तीन महीने से लेकर 24 वर्ष तक के कारावास की सजा सुनाई गई है।

अदालती फैसले और जांच विवरण के मुताबिक, यह सिंडिकेट दूरसंचार और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, मादक पदार्थों की तस्करी, गैरकानूनी कसीनो संचालन, जबरन देह व्यापार और कम से कम दो चीनी नागरिकों की हत्या का दोषी पाया गया है। गिरोह ने अपने आपराधिक अभियानों और ऑनलाइन ठगी के जरिए 12.2 अरब युआन (लगभग 1.8 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह गिरोह उत्तरी म्यांमार में करीब 14 बड़े स्कैम परिसर चला रहा था, जहां पीड़ितों को जेल जैसी स्थिति में बंधक बनाकर रखा जाता था। जांच के दौरान कई पीड़ितों के ऐसे अवशेष भी बरामद हुए थे, जिन्हें लोहे की जंजीरों से बांधा गया था और सिर में गोली मारी गई थी।

पृष्ठभूमि के तौर पर, म्यांमार के सीमावर्ती इलाकों में पिछले कुछ वर्षों से कई संगठित सिंडिकेट अवैध कसीनो और साइबर फ्रॉड केंद्र चला रहे हैं। इन केंद्रों में काम कराने के लिए उच्च वेतन और तकनीकी नौकरियों का लालच देकर हजारों विदेशी नागरिकों—विशेषकर चीनी युवाओं—की मानव तस्करी की जाती थी। वहां पहुंचने के बाद उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और उन्हें दुनिया भर के नागरिकों से निवेश, रोमांस और क्रिप्टो स्कैम के जरिए पैसे ऐंठने के लिए मजबूर किया जाता था; इनकार करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता था।

इस सख्त अदालती कार्रवाई का सीधा प्रभाव दक्षिण-पूर्व एशिया में सक्रिय सीमा-पार साइबर अपराध नेटवर्क पर पड़ना तय माना जा रहा है। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार आम लोगों की वित्तीय सुरक्षा और नौकरी के झांसे में फंसकर बंधक बनने वाले युवाओं की सुरक्षा के लिहाज से एक कड़ा कानूनी संदेश देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed