छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: विशेष अदालत में पूरक चालान पेश होने के बाद आबकारी अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव निलंबित
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: विशेष अदालत में पूरक चालान पेश होने के बाद आबकारी अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव निलंबित
छत्तीसगढ़ शासन ने बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले में आबकारी विभाग के अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राज्य सरकार के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग द्वारा 17 अक्टूबर को जारी प्रशासनिक आदेश के अनुसार, यह निलंबन 14 अक्टूबर से प्रभावी माना गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय नवा रायपुर स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय निर्धारित किया गया है और नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
यह प्रशासनिक कार्रवाई राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) द्वारा रायपुर की विशेष अदालत में आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ पूरक अभियोग पत्र (चालान) दाखिल किए जाने के बाद की गई है। जांच एजेंसी ने अदालत में प्रस्तुत दस्तावेज में उल्लेख किया कि आबकारी विभाग में तत्कालीन उपायुक्त व वर्तमान अपर आयुक्त के पद पर रहे आशीष श्रीवास्तव के विरुद्ध जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं व संलिप्तता के आरोप पाए गए हैं, जिसके आधार पर सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत शासन ने निलंबन का कदम उठाया।
यह मामला राज्य में 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) के इनपुट के बाद जनवरी 2024 में राज्य की आर्थिक अपराध जांच शाखा द्वारा दर्ज प्राथमिकी के तहत की जा रही है। एजेंसी ने सिंडिकेट बनाकर अवैध शराब के परिवहन, कमीशन वसूली और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों में कई अधिकारियों, कारोबारियों और अन्य व्यक्तियों को आरोपी बनाया है और अदालत में कई पूरक आरोप पत्र दाखिल किए हैं।
प्रशासनिक स्तर पर इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत दिया गया है कि राजस्व से जुड़े गंभीर घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ जवाबदेही तय करने का सिलसिला जारी रहेगा। शराब से जुड़े राजस्व में हुए नुकसान का सीधा असर राज्य के खजाने और लोक कल्याणकारी योजनाओं के लिए उपलब्ध वित्तीय संसाधनों पर पड़ता है।
