महाराष्ट्र में 48 लाख रुपये के एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों की हेराफेरी मामले में रिलायंस, ब्लिंकिट और जोमैटो हाइपरप्योर के अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज
महाराष्ट्र में 48 लाख रुपये के एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों की हेराफेरी मामले में रिलायंस, ब्लिंकिट और जोमैटो हाइपरप्योर के अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की व्यापक जांच के बाद पुलिस ने एक्सपायर्ड और क्षतिग्रस्त खाद्य उत्पादों को अवैध रूप से बाजार में खपाने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, रिलायंस रिटेल, ब्लिंकिट कॉमर्स और जोमैटो हाइपरप्योर के शीर्ष अधिकारियों, स्थानीय सप्लायरों व स्क्रैप एजेंसियों के संचालकों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला ठाणे के भिवंडी स्थित शांति नगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
एफडीए की टीमों ने ठाणे और पुणे जिलों में कई गोदामों, निपटान केंद्रों (डिस्पोजल यार्ड) और डिस्काउंट स्टोरों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कुल 48,09,924 रुपये मूल्य के एक्सपायर्ड, रिजेक्टेड और दूषित खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। इनमें भिवंडी स्थित एक डिस्पोजल यार्ड से 24 लाख रुपये से अधिक, वाडपे स्थित रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के वेयरहाउस से लगभग 4.92 लाख रुपये तथा उसताने स्थित जोमैटो हाइपरप्योर के केंद्र से करीब 7.81 लाख रुपये मूल्य का खाद्य स्टॉक शामिल था।
प्रारंभिक जांच में आरोप है कि जिन खाद्य पदार्थों की मियाद समाप्त हो चुकी थी और जिन्हें नियमों के तहत नष्ट किया जाना अनिवार्य था, उन्हें नष्ट करने के बजाय स्थानीय डिस्काउंट बाजारों और दुकानों में दोबारा बेचने के लिए भेजा जा रहा था। अधिकारियों को निपटान अभिलेखों (डिस्पोजल रिकॉर्ड), स्टॉक रजिस्टर और भेजे गए माल के विवरण में भी भारी विसंगतियां मिलीं। खाद्य सुरक्षा व स्वच्छता मानकों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित कंपनियों के पांच वेयरहाउसों के लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं।
त्योहारी सीजन में एक्सपायर्ड और घटिया खाद्य सामग्री का सामान्य खुदरा श्रृंखला में पहुंचना सीधे तौर पर आम नागरिकों और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए बड़ा जोखिम पैदा करता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान के खिलाफ राज्यव्यापी औचक निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
