मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार में 2,387 करोड़ रुपये की नर्मदा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का किया लोकार्पण

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार में 2,387 करोड़ रुपये की नर्मदा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का किया लोकार्पण - AI Featured Image

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार में 2,387 करोड़ रुपये की नर्मदा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का किया लोकार्पण

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 अक्टूबर 2026 को धार जिले की सरदारपुर तहसील स्थित खेल परिसर में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान 2,387.60 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 'नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना' का औपचारिक लोकार्पण किया। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया सहित कई जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

यह परियोजना मुख्य रूप से आदिवासी बहुल धार और झाबुआ जिलों के कृषकों के लिए तैयार की गई है। परियोजना के तहत भूमिगत प्रेशराइज्ड पाइपलाइन प्रणाली के माध्यम से नर्मदा नदी के जल को खेतों तक पहुँचाया जाएगा। इससे दोनों जिलों के 260 गाँवों की 57,422 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी। इसमें धार जिले की सरदारपुर तहसील के 66 गाँवों की 25,422 हेक्टेयर और झाबुआ जिले के 194 गाँवों की 32,000 हेक्टेयर भूमि शामिल है, जिससे क्षेत्र के लगभग 72,000 किसान सीधे लाभान्वित होंगे।

इसी कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री ने 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' के तहत रबी वर्ष 2025–26 के लिए सिंगल क्लिक के माध्यम से 16.70 लाख पात्र किसान आवेदकों के बैंक खातों में 317.86 करोड़ रुपये की फसल बीमा क्लेम राशि अंतरित की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न विभागों के 188.34 करोड़ रुपये की लागत वाले 35 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया।

इस वृहद सिंचाई परियोजना के चालू होने से मालवा-निमाड़ और झाबुआ के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार आने तथा सिंचाई के अभाव में होने वाले मौसमी पलायन पर रोक लगने की उम्मीद है। खेतों तक सुनिश्चित पानी मिलने से स्थानीय किसानों की रबी और खरीफ फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

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