गोवा सरकार ने विमान ईंधन पर वैट घटाकर किया 7%, हवाई संपर्क और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
गोवा सरकार ने विमान ईंधन पर वैट घटाकर किया 7%, हवाई संपर्क और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
गोवा सरकार ने विमानन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) पर लगने वाले मूल्य वर्धित कर (वैट) में बड़ी कटौती की है। राज्य के वित्त विभाग (राजस्व एवं नियंत्रण) द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत जेट ईंधन पर वैट की दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। यह संशोधित दर 24 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गई है। इस निर्णय का उद्देश्य राज्य में आने-जाने वाली उड़ानों के परिचालन खर्च को कम करना और पर्यटन उद्योग को नई गति प्रदान करना है।
यह कर संशोधन 'गोवा वैल्यू ऐडेड टैक्स एक्ट, 2005' की अनुसूची 'सी' के तहत लागू किया गया है। वित्त विभाग के अवर सचिव द्वारा जारी अधिसूचना के माध्यम से एटीएफ पर वैट दर में आठ प्रतिशत अंक की सीधी राहत दी गई है। चूंकि विमानन ईंधन पर कर का निर्धारण संबंधित राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है, इसलिए विभिन्न राज्यों में इसकी दरें भिन्न होती हैं। गोवा में कर की दर घटने से वहां के हवाई अड्डों पर ईंधन भरवाने वाली विमानन कंपनियों का खर्च काफी कम होगा।
इस फैसले का केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय के साथ-साथ प्रमुख एयरलाइंस ने भी स्वागत किया है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि इससे ईंधन लागत में कमी आएगी, एयरलाइंस को सहयोग मिलेगा और यात्रियों के लिए हवाई संपर्क सुदृढ़ होगा। इंडिगो सहित अन्य एयरलाइंस ने भी इस कदम की सराहना की है।
विमानन कंपनियों के कुल परिचालन बजट में जेट ईंधन का खर्च सबसे बड़ा हिस्सा होता है। ऐसे में डाबोलिम हवाई अड्डे और मोपा स्थित मनोहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईंधन सस्ता होने से एयरलाइंस को नए मार्गों पर उड़ानें शुरू करने और उड़ानों की आवृत्ति बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इसका सीधा सकारात्मक असर राज्य के पर्यटन उद्योग और हवाई यात्रा करने वाले आम यात्रियों की सुविधाओं पर पड़ने की उम्मीद है।
