पश्चिम बर्धमान में ईसीएल की कुमारडीही खदान में लिफ्ट खराब होने से फंसे सभी खनिक 12 घंटे चले बचाव अभियान के बाद सुरक्षित निकाले गए
पश्चिम बर्धमान में ईसीएल की कुमारडीही खदान में लिफ्ट खराब होने से फंसे सभी खनिक 12 घंटे चले बचाव अभियान के बाद सुरक्षित निकाले गए
पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की कुमारडीही 'ए' भूमिगत कोयला खदान में तकनीकी खराबी आने के बाद फंसे सभी खनिकों को 12 घंटे तक चले रातभर के बचाव अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह हादसा सोमवार शाम दुर्गापुर उपमंडल के पांडबेश्वर ब्लॉक स्थित खदान के पिट संख्या 4 में शिफ्ट बदलने के दौरान हुआ। वाइंडिंग इंजन और पुली सिस्टम में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण भारी स्टील वायर पुली ड्रम से फिसल गया, जिससे मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लिफ्ट केज बीच शाफ्ट में ही अटक गईं।
घटना के समय एक लिफ्ट खदान के निचले तल से करीब 15 मीटर ऊपर और दूसरी लगभग 40 मीटर की गहराई पर हवा में लटक गई, जिसमें खनिक फंस गए। मुख्य निकास मार्ग अवरुद्ध होने के कारण खदान की निचली गैलरी में काम कर रहे करीब 30 अन्य मजदूर भी अंदर ही फंस गए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खदान प्रबंधन, तकनीकी विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया।
खदान सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सबसे पहले निचली गैलरी में फंसे 30 श्रमिकों को पड़ोसी पिट संख्या 3 के वैकल्पिक रास्ते से आधी रात के आसपास सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद हवा में लटकी लिफ्टों को स्थिर करने के लिए तकनीकी टीम ने जटिल इंजीनियरिंग कार्य किया और मंगलवार तड़के तक बीच रास्ते में अटके सभी खनिकों को क्रेन व विंच की मदद से एक-एक कर बाहर निकाल लिया गया। फंसे हुए खनिकों से बचाव कार्य के दौरान लगातार वायरलेस से संपर्क बनाए रखा गया था और उन्हें पीने का पानी और खाद्य सामग्री पहुंचाई गई थी।
ईसीएल के शीर्ष प्रबंधन ने पुष्टि की है कि अभियान में सभी खनिकों को बिना किसी चोट या जनहानि के सुरक्षित बचा लिया गया है। इस तकनीकी खराबी के कारणों की जांच और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के लिए अधिकारियों की एक बहु-सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। इस घटना के बाद स्थानीय खनन क्षेत्र में पुरानी मशीनों के रखरखाव और सुरक्षा उपायों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
