उत्तर प्रदेश में चार नई वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को मिली मंजूरी; कुल निवेश ₹14,600 करोड़ तक पहुँचा
उत्तर प्रदेश में चार नई वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को मिली मंजूरी; कुल निवेश ₹14,600 करोड़ तक पहुँचा
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीएसआईडीए) ने राज्य भर में भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चार नई वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को औपचारिक मंजूरी दी है। यह स्वीकृति राज्य के औद्योगिक और कृषि बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने के व्यापक प्रयासों के तहत प्रदान की गई है।
परियोजनाओं का विवरण और आधिकारिक आँकड़े
प्राधिकरण द्वारा मंजूर की गई चार नई इकाइयों में एक साइलो (अनाज भंडारण इकाई), दो वेयरहाउसिंग परियोजनाएं और एक लॉजिस्टिक्स पार्क शामिल हैं। इन परियोजनाओं को राज्य के चार अलग-अलग जिलों—पीलीभीत, उन्नाव, गौतम बुद्ध नगर और अयोध्या में स्थापित किया जाएगा।
इन नई स्वीकृतियों के साथ ही, ‘उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति-2022’ तथा ‘प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क (पीआईपी) नीति’ के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की कुल संख्या बढ़कर 75 हो गई है। आधिकारिक विवरण के अनुसार, इन सभी 75 परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 960 एकड़ भूमि पर करीब 14,600 करोड़ रुपये का कुल निवेश प्रस्तावित है।
किसानों और आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभाव
इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य में खाद्यान्न और अन्य उत्पादों के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित भंडारण की क्षमता का विस्तार करना है। साइलो और आधुनिक वेयरहाउसिंग सुविधाओं के निर्माण से किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी और कटाई के बाद होने वाले अनाज के नुकसान में कमी आएगी। इसके साथ ही कृषि और औद्योगिक उत्पादों की ढुलाई तथा वितरण प्रणाली अधिक सुचारू और तीव्र हो सकेगी।
रोजगार और स्थानीय विकास के अवसर
लॉजिस्टिक्स पार्कों और भंडारण केंद्रों के विकास से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। परिवहन, माल ढुलाई, पैकेजिंग, वेयरहाउस संचालन और आपूर्ति प्रबंधन से जुड़े क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते खुलेंगे। इसके अलावा, पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में इन केंद्रों के बनने से क्षेत्रीय व्यापार को गति मिलेगी।
पृष्ठभूमि और आगे की प्रक्रिया
राज्य सरकार अपनी वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स नीति के तहत निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन, कर छूट और भूमि संबंधी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। आगामी चरण में इन चयनित स्थलों पर बुनियादी ढाँचे के निर्माण, कोल्ड-चेन सुविधाओं के एकीकरण और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की स्थापना पर काम आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों और व्यापारियों को सुलभ आपूर्ति समाधान मिल सकें।


